भोपाल में गिरिबाला सिंह के घर में चोरी की कोशिश, पुलिस की गश्त से नाकाम हुए बदमाश
मॉडल त्विषा शर्मा की ससुराल में चोरी की कोशिश हुई। पुलिस की गश्त के दौरान बदमाश सोने के जेवर और महत्वपूर्ण दस्तावेज छोड़कर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

भोपाल : अभिनेत्री और मॉडल त्विषा शर्मा की ससुराल एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अज्ञात बदमाशों ने घर में चोरी की कोशिश की, लेकिन पुलिस की समय पर पहुंची गश्ती टीम की सतर्कता के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। बदमाश सोने के जेवर और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी फाइल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस का सायरन सुनते ही सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए। गौरतलब है कि यही वह मकान है, जहां पहले त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले में उनकी सास, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, और पति समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में इस चोरी की घटना ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले रास्ते से घर में घुसे बदमाश
पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश मकान के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। उस समय घर के भीतर गिरिबाला सिंह के भाई मौजूद थे, लेकिन आरोपित इतनी चुपचाप घर में घुसे कि किसी को उनकी आहट तक नहीं लगी। बदमाशों ने घर से सोने के आभूषण और गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की एक फाइल अपने कब्जे में ले ली। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वे सामान लेकर निकलने ही वाले थे कि तभी घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
पुलिस के सायरन से घबराकर छोड़ गए सामान
इसी दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही चार्ली पुलिस की टीम मकान के पास पहुंची। पुलिस वाहन का सायरन सुनते ही बदमाशों को एहसास हो गया कि उनकी मौजूदगी का पता चल सकता है। घबराहट में उन्होंने चोरी किया गया सामान वहीं छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने आरोपितों का पीछा भी किया, लेकिन वे मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि, उनकी जल्द पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
सोने के जेवर और दस्तावेज सुरक्षित बरामद
वारदात के बाद पुलिस ने मौके से छोड़े गए सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेज जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षित रखते हुए उनकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि गश्ती दल समय पर नहीं पहुंचता, तो बदमाश कीमती सामान और दस्तावेज लेकर फरार हो सकते थे।
सीसीटीवी और फोरेंसिक जांच पर पुलिस का फोकस
मामले की जांच के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इसके अलावा फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था।
क्या सिर्फ चोरी थी या दस्तावेज थे असली निशाना?
इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बदमाश केवल जेवरात ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फाइल भी अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं चोरी का उद्देश्य सिर्फ कीमती सामान हासिल करना नहीं, बल्कि त्विषा शर्मा की मौत से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच बनाना तो नहीं था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जा रही है।
हर एंगल से जांच जारी
भोपाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले सुरागों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे सामान्य चोरी का उद्देश्य था या फिर किसी विशेष दस्तावेज को हासिल करने की सुनियोजित साजिश। फिलहाल पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।


