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मध्य प्रदेश सरकार की डायरी में बड़ी चूक, कांग्रेस ने लगाए तथ्यात्मक गलतियों के आरोप

मध्य प्रदेश सरकार की साल 2026 के लिए प्रकाशित वार्षिक डायरी में तथ्यात्मक गलतियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है

मध्य प्रदेश सरकार की डायरी में बड़ी चूक, कांग्रेस ने लगाए तथ्यात्मक गलतियों के आरोप
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सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम अब भी दर्ज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

  • आठ विभागों के प्रमुखों के नाम गायब, प्रशासनिक दक्षता पर कांग्रेस का हमला
  • ‘बिना अपडेट और सत्यापन के संकलित’- कांग्रेस ने डायरी को बताया गंभीर लापरवाही
  • मुख्य सचिव को सौंपी शिकायत, सरकार की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की साल 2026 के लिए प्रकाशित वार्षिक डायरी में तथ्यात्मक गलतियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस का दावा है कि डायरी में अभी भी उन अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने दावा किया कि साल 2026 के लिए प्रकाशित आधिकारिक डायरी की समीक्षा करने पर कई तथ्यात्मक त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें कम से कम आठ महत्त्वपूर्ण सरकारी विभागों के प्रमुखों के नाम गायब हैं।

त्रिपाठी ने कहा, "मध्य प्रदेश सरकार की डायरी महज एक सामान्य प्रकाशन नहीं है, बल्कि प्रशासन, निर्वाचित प्रतिनिधियों, मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम जनता के लिए एक आधिकारिक मार्गदर्शक दस्तावेज है। ऐसे में, इस तरह की बड़ी गलतियां सीधे तौर पर सरकार की गंभीरता और प्रशासनिक दक्षता पर सवाल उठाती हैं।"

उन्होंने दावा किया कि कई साल पहले अपने पूर्व विभागों से स्थानांतरित हुए अधिकारियों के नाम और यहां तक कि सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों के नाम भी विभाग प्रमुखों या अन्य वरिष्ठ पदों पर सूचीबद्ध हैं।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया, "पद, अधिकारी के नाम और संबंधित विभाग के बीच कोई संबंध नहीं है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डायरी बिना किसी अपडेटेड जानकारी या सत्यापन के संकलित की गई थी।"

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गलतियां सरकार की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं, प्रशासनिक स्तर पर भ्रम और अव्यवस्था पैदा करती हैं और सरकार के भीतर समन्वय और जवाबदेही की कमी को दर्शाती हैं।

त्रिपाठी ने यह भी कहा कि अधिकांश सरकारी अधिकारियों के मोबाइल नंबर डायरी में शामिल नहीं किए जाते हैं, जबकि सरकार इन नंबरों के लिए उन्हें मासिक भत्ता प्रदान करती है।

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार के आठ विभागों कारागार, परिवहन, कृषि, श्रम, स्कूली शिक्षा, कानून और विधायी मामले, जनसंपर्क और महिला एवं बाल विकास के प्रधान सचिवों के नाम डायरी में उल्लिखित नहीं हैं।"

त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस ने बुधवार को इस मामले को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन के कार्यालय में शिकायत भी सौंपी है।


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