Top
Begin typing your search above and press return to search.

मध्य प्रदेश  : मंत्रिमंडल विस्तार के कयासों पर कमलनाथ ने लगाया विराम

कमलनाथ से जब पूछा गया कि क्या राज्य मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कोई चर्चा हुई है तो उन्होंने कहा कि इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है

मध्य प्रदेश  : मंत्रिमंडल विस्तार के कयासों पर कमलनाथ ने लगाया विराम
X

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और कई मंत्रियों को बाहर किए जाने के कयासों पर यह कहकर विराम लगा दिया है कि उनकी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उनकी राज्यपाल से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है, और राज्यपाल ने राज्य के विकास में पूरा समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इसमें विश्वविद्यालयों को लेकर और प्रदेश की आगामी योजनाओं पर खासतौर से चर्चा हुई।

कमलनाथ से जब पूछा गया कि क्या राज्य मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कोई चर्चा हुई है तो उन्होंने कहा कि इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

राज्य में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद से मंत्रियों के विभाग बदले जाने के साथ छह मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की चर्चा जोरों पर रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के दिल्ली प्रवास को भी संभावित बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा था।

सोमवार को राज्य सरकार के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि छह मंत्री हटाए जाएंगे और उनकी जगह नए लोगों को मौका मिलेगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, "कई लोगों को एकोमोडेट किया जाना है, इसलिए पांच-छह मंत्रियों को हटाया जा सकता है। उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।"

इस बीच दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री की राज्यपाल से प्रस्तावित मुलाकात की खबर पर तो इन सभी कयासों को पंख लग गए थे।

ज्ञात हो कि राज्य सरकार गैर कांग्रेसी विधायकों के समर्थन से चल रही है। सरकार को भाजपा अस्थिर न कर सके, इसके लिए गैर कांग्रेसी विधायकों को मंत्री बनाए जाने के फॉर्मूले पर अरसे से विचार हो रहा है।

राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114, भाजपा के 108 विधायक हैं। इसके अलावा दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय विधायक हैं। अभी हाल ही में भाजपा के एक विधायक की सीट खाली हुई है। कांग्रेस को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। एक निर्दलीय मंत्री है, जबकि तीन निर्दलीय विधायक मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं अन्य समर्थन करने वाले विधायक भी कतार में हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it