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बाढ़ की चपेट में मध्यप्रदेश, आज भी राहत की उम्मीद नहीं

मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिन से लगातार जारी बारिश के बीच नदी नालों में उफान के चलते अब तक आधा दर्जन से भी ज्यादा लोगों की मौत की सूचना है।

बाढ़ की चपेट में मध्यप्रदेश, आज भी राहत की उम्मीद नहीं
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भोपाल । मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिन से लगातार जारी बारिश के बीच नदी नालों में उफान के चलते अब तक आधा दर्जन से भी ज्यादा लोगों की मौत की सूचना है।
स्थानीय मौसम केंद्र ने आज भी राज्य के 8 जिलों में कहीं कहीं घनघोर बारिश होने, अन्य 8 जिलों में अति भारी वर्षा होने तथा अन्य 16 जिलों में भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है।
राजधानी भोपाल में पिछले करीब तीन दिन से बारिश का प्रकोप कायम है। यहां आसमान में पूरी तरह बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का क्रम लगातार जारी है।

बाढ़ से बहुत ज्यादा प्रभावित विदिशा जिले में लगातार बारिश के चलते विभिन्न स्थानों पर कुल 15 बस्तियां जलमग्न है, जहां 5 से 6 फीट पानी भरा है। यहां बेतवा नदी के पुल से 15 से 20 फ़ीट ऊपर बह रही है।

रायसेन जिले का भी विभिन्न स्थानों पर नदियों और नालों के उफान पर होने से विदिशा और भोपाल से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। यहां कई स्थानों पर नदियां पुल से करीब 10 फीट ऊपर तक बह रही हैं।

जबलपुर जिले के ग्वारीघाट पर कल शाम नर्मदा में स्नान करते समय साहिल पटेल (19) नाम का युवक डूब गया। उसकी देर रात तक तलाश जारी होने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका था।
वहीं सीहोर जिले में एक बरसाती नाले में कार के गिर जाने से उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गयी। इसी प्रकार सिवनी जिले में दो लोग बैनगंगा नदी में कार सहित बह गये। उनके शव मिल गये हैं।
भारी बारिश के कारण कल राजधानी भोपाल सहित, सीहोर, रायसेन एवं विदिशा जिलों में स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जिला प्रशासन ने अवकाश घोषित कर दिया था।
सागर जिले में भी भारी बारिश के कारण निचली बस्तियों में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। यहां गढ़कोटा के नाले में बहे एक बच्चे का कुछ पता नहीं चल सका है।
जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी में जगह जगह उफान कायम है। नर्मदा के बैक वाटर के कारण बड़वानी जिले में गांव के गांव टापू बन गए हैं।


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