मध्यप्रदेश :कांग्रेस निकालेगी न्याय यात्रा
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई सरकार की खामियों को जनता तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर विभिन्न चरणों में प्रदेश में न्याय यात्रा निकालेगी

भोपाल। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई सरकार की खामियों को जनता तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर विभिन्न चरणों में प्रदेश में न्याय यात्रा निकालेगी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज यहां संवाददाताओं को इस बारे में जानकारी दी।
प्रदेश में महिला उत्पीड़न, कुपोषण के प्रकोप और किसानों एवं मजदूरों के बेहद परेशान होने का आरोप लगाते हुए श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब न्याय यात्रा शुरु करेगी।
इसके पहले चरण की शुरुआत पांच अप्रैल से लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के गृह क्षेत्र रायसेन जिले के उदयपुरा से होगी। पहला चरण अगले दिन छह अप्रैल को भोपाल में समाप्त होगा।
इस दौरान उन्होंने अारोप लगाया कि मंत्री श्री सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के 10 दिन बाद भी पुलिस खानापूर्ति कर रही है, अब तक किसी के खिलाफ प्राथमिकी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री और उनके बेटे गिरजेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक पार्टी आवाज उठाती रहेगी।
श्री सिंह के मुताबिक दूसरे चरण के दौरान 11, 12 और 13 अप्रैल को धार जिले और इसके आसपास के क्षेत्रों में यात्रा निकालते हुए अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे को उठाया जाएगा। तीसरा चरण 16 से 21 अप्रैल के बीच सतना, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर इलाकों में होगा।
उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा के दौरान वे और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव समेत पार्टी के सभी बड़े नेता भी अलग-अलग समय पर इसमें शामिल होंगे और सरकार की खामियों से लोगों को अवगत कराएंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने जोर देते हुए कहा कि न्याय यात्रा निरंतर जारी रहेगी और तभी खत्म होगी, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनाव में पराजित कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार से किसान से लेकर, मजदूर और आम लोग भी परेशान हैं।
प्रदेश सरकार के मंत्रियों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून दो तरीके से चल रहा है, एक भारतीय जनता पार्टी वालों के लिए और दूसरा आम लोगों के लिए।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्री जालम सिंह पटेल के एक हत्या मामले में फरार होने के बारे में जानकारी मिली है।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी जानकारी में भाजपा वालों के खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें गंभीर शिकायतें होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हाल ही में भिंड जिले में सड़क हादसे का शिकार बने पत्रकार संदीप शर्मा का मामला उठाते हुए श्री सिंह ने कहा कि पत्रकार ने अपनी जान को खतरा बताया था, उसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, अब सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है और विषयांतर करने के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली की बात सामने लाई गई है।
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सत्ता में रहते ये तंत्र लागू नहीं हो पाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा तंत्र अपने आप में पर्याप्त है, बस इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो।


