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युवा मतदाताओं के हाथ में हार-जीत का फैसला

नोएडा ! प्रदेश में भले ही जाति धर्म पर पार्टियों की नगर लगी हो। लेकिन जनपद में प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला युवा मतदाताओं के हाथ में होगा।

युवा मतदाताओं के हाथ में हार-जीत का फैसला
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नोएडा ! प्रदेश में भले ही जाति धर्म पर पार्टियों की नगर लगी हो। लेकिन जनपद में प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला युवा मतदाताओं के हाथ में होगा। ऐसे हम नहीं बल्कि आंकड़े बया कर रहे है। जिले में 6,93524 युवा वोटर 18.39 वर्ष हैं। यह कुल वोट के 54.37 प्रतिशत हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा में जीत दर्ज करने वाले तीनों प्रत्याशियों को कुल 32 प्रतिशत वोट युवाओं के मिले थे। ऐसे में साफ है कि इस बार जो भी प्रत्याशी युवाओं की नजर में अपनी छवि बनाने में कामयाब होगा जीत उसी होनी की तय है।

जिले में मौजूद युवा ताकत को विभिन्न पार्टी के प्रत्याशी भी समझ रहे हैं। इसी कारण यहां प्रत्याशी उतारने की कोशिश हो रही है। साथ ही युवा नेताओं की सभाएं कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे युवा उनसे प्रभावित होकर वोट कर सकें। आकड़ों पर गौर करे तो जनपद में 18.19 साल तक के 18276, 20.29 साल के 326871 इसके साथ 30.39 साल के 348377 मतदाता है। ऐसे में कुल 6,93524 मतदाता युवा है जिनके कंधों पर जनपद की बागडौर संभालने वाले की कामन होगी। ऐसे में शहर में जो भी प्रचार किया जा रहा है उसे युवाओं को ध्यान केंद्रित कर किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो आगामी दो दिन में बीजेपी व कांग्रेस भी अपना प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतार देगी। दोनों ही पार्टी के बड़े नेताओं की माने तो उन्हें पता है यहा का अधिकांश वोटर युवा है। ऐसे में प्रत्याशी भी उन्हीं के भावनाओं को देखकर ही घोषित किया जाएगा।

मतदाता को प्रलोभन देना पड़ सकता है महंगा
। विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जिला प्रशासन जोर-शोर से जुटा है। इस क्रम में गुरुवार को मतदाता सूची का प्रकाशन मतदेय स्थलों पर किया गया। मतदाताओं को जागरूक करने के क्रम में भी जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियों ने भी मतदाताओं को प्रलोभन देने की कवायद शुरू कर दी है। इसे लेकर चुनाव आयोग सख्त है।


प्रलोभन देने वाले प्रत्याशी व उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद से ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। चुनाव शांतिपूर्वक व निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। रोजाना सडक़ों पर जगह-जगह चेकिंग की जा रही है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों की शिकायतों के लिए जनपद में एक नोडल अधिकारी बनाया गया है। चुनाव के दौरान बिना अनुमति के सभा करने वालों के खिलाफ भी आयोग ने कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। चुनावी सभाओं समेत अन्य चीजों की वीडियो रिकार्डिंग के लिए प्रत्येक विधानसभा में टीमों का गठन किया गया है। सभा के दौरान भडक़ाऊ भाषण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीएम प्रशासन कुमार विनित ने बताया कि चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों व संभावित उम्मीदवारों पर प्रशासन की नजर हैं। यदि कोई भी प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान आयोग के दिशा निर्देशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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