बैगाओं को रोजगार नहीं, एटीआर अधिकारी करा रहे मशीन से काम
लोरमी ! अचानकमार टाईगर रिजर्व के जंगलो में निवासरत बैगा आदिवासियों को रोजी रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है. और एटीआर प्रशासन बेखौफ होकर

तालाब गहरीकरण का काम ट्रैक्टर से
लोरमी ! अचानकमार टाईगर रिजर्व के जंगलो में निवासरत बैगा आदिवासियों को रोजी रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है. और एटीआर प्रशासन बेखौफ होकर इन्ही बैगा आदिवासियों के गांव में खुलेआम मशीनरी सामाग्री से कार्य करवाया जा रहा है। लगभग हर परिक्षेत्र में काम स्वीकृत किया गया जिस जगह पर अधिकारी मनमर्जी करते हुऐ पूरे एटीआर में जेशीबी मशीन और ट्रेक्टर से काम करवा रहे है।
सरकार बैगा आदिवासियों की जीवन स्तर को सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रही है उनके लिए हर प्रकार की सुख सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटा है लेकिन ठीक इसके विपरीत एटीआर प्रशासन उनके सामने जेसीबी और ट्रेक्टर मशीन से तालाब गहरीकरण, नवीनीकरण, और सड़क बनवा रहे है। रविवार को एटीआर के बफर जोन स्थित दक्षिण बोईरहा के बीट क्रमांक 392 में नाथू तालाब का नवीनीकरण का काम राजस्थानी ट्रैक्टर लगाकर और अधिकारी उपस्थित होकर काम किया जा रहा है मीडियाकर्मी के पहुचने के बाद अधिकारी सेंकड भी नही लगा और अपने वाहन में बैठकर भागते बने। उक्त ग्राम में निवासरत लोगो से पूछने पर पता चला कि सरकार के द्वारा इस वर्ष कोई भी रोजगार मूलक काम नही कराया जा रहा है जो भी काम आता है उसे एटीआर के अधिकारी ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन से करा देते है। जिससे हमें मजदूरी के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है। ग्राम बोईरहा के कवंल सिंह बैगा ने बताया कि यहां पर काम तो आते है लेकिन सभी काम वनविभाग के अधिकारी करा देते है। यहां न तो कोई काम देने आता है और न ही कोई सुनता है। उन्होने बताया कि सारे काम मशीन सामाग्री से कर अधिकारी अपने जेब गरम कर लेते है विदित हो कि एटीआर के अचानकमार, छपरवा, सुरही, सहित सभी परिक्षेत्र के अलग अलग बीटो में वन्य प्राणियों के जल सुविधा हेतु तालाब गहरीकरण व नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें अधिकारी मनमर्जी कर रहे है। रविवार को बोईरहा के नाथू तालाब में मिडीयाकर्मी मौके पर पहुचे तो वहां एटीआर के परिक्षेत्र अधिकारी के साथ खड़े होकर काम करवा रहे थे उक्त काम के संबध में पूछताछ हेतु वहां पहुचे तो अधिकारी अपने वाहन में बैठकर निकलते बने। जिससे आंशका जताई जताई जा रही है कि उक्त कार्य में गड़बड़ी जा रही है।
निर्माण स्थल पर बोर्ड नहीं
एटीआर द्वारा निर्माण स्थल पर काम शुरू होने के पूर्व बोर्ड नही लगाया जाता जबकि नियमानुसार कार्य स्थल पर बोर्ड काम के संबध में जानकारी सहित पहले लगना चाहिऐ।
काम पूर्ण होने के बाद बोर्ड लगाया जाता है जो गलत है अभी बोईरहा में चल रहे कार्य में भी बोर्ड नही लगा है। स्पष्ट है एटीआर में हो रहे कार्य में पारदर्शिता का अभाव है।
वन्यप्राणियों की सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि एटीआर में वर्तमान में ही वन्यप्राणियों की सुरक्षा के नाम पर आवागमन को बंद किया गया है। केवल जरूरी वाहन को एटीआर में प्रवेश दिया जा रहा है। और इधर इसी नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
बेखौफ खुलेआम एटीआर में बकायदा मशीन लगाकर कार्य कराया जा रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए।


