कम ठंड ने कश्मीर में सेना की बढ़ाई मुश्किलें
श्रीनगर ! भारतीय सेना के लिए इस बार की सर्दियों में सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

कश्मीर में बर्फबारी की कमी से बढ़ी घुसपैठ
श्रीनगर ! भारतीय सेना के लिए इस बार की सर्दियों में सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कारण, सीमांत पहाड़ों पर अभी तक इतनी बर्फबारी नहीं हुई है जितनी की उम्मीद थी। यही कारण है कि घुसपैठियों के दल भीतर घुसने की कोशिशों को लगातार अंजाम दे रहे हैं। वैसे इसरायल से मिले हुए राडार भारतीय सेना की मदद कर रहे हैं जो पाक घुसपैठियों के प्रति सटीक जानकारी दे रहे हैं।
यह सच्चाई है कि इस बार की सर्दियां एलओसी पर तैनात सैनिकों को कोई रहत नहीं दे पा रही हैं। कारण, इतनी बर्फबारी नहीं हुई है जो आतंकवादियों की गतिविधियों तथा सीमा पार से उनकी घुसपैठ को रोक सकें। जो बर्फ गिरी थी वह पिघल गई है। नतीजतन इस बार सर्दियों में भी आतंकवादी घुसपैठ को लेकर सेना परेशान है। हालांकि यह बात अलग है कि कम बर्फबारी पाकिस्तानी सेना के लिए लाभदायक साबित हो रही है। यही कारण है कि वह आतंकवादियों को सर्दी और बर्फ के बावजूद इस ओर धकेलने के क्रम को लगातार जारी रखे हुए है। आधिकारिक आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं कि जितने घुसपैठ के प्रयास इन सर्दियों में अभी तक हुए हैं वह पिछले साल सर्दियों में होने वाले प्रयासों से कई गुणा अधिक हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पाक सेना ने पिछले तीन महीने के भीतर 50 से अधिक बड़े घुसपैठ के प्रयास जम्मू सीमा, राजौरी, पुंछ तथा कश्मीर सीमा के सेक्टरों में अंजाम दिए हैं। इनमें से कितनों में पाक सेना को कामयाबी मिली यह आंकड़ा तो मालूम नहीं है लेकिन भारतीय पक्ष दावा करता है कि उसने 50 में से करीब 36 को नाकाम बनाते हुए आतंकवादियों को मार गिराया है। यह बात अलग है कि एलओसी पर होने वाले छोटे छोटे गुटों के घुसपैठ के प्रयास अक्सर आंखों से इसलिए ओझल हो जाते हैं क्योंकि एलओसी की परिस्थिति ऐसी है कि यह बता पाना संभव नहीं होता कि भारतीय क्षेत्र कहां समाप्त होता है और पाकिस्तानी कब्जे वाला इलाका कहां से आरंभ होता है। वैसे भी नियंत्रण रेखा की ऊबड़ खाबड़ वाली परिस्थितियां और घने जंगल व ऊंचे पहाड़ सैनिकों के लिए बाधा उत्पन्न करते हैं। और इन्हीं परिस्थितियों का लाभ पाकिस्तानी सेना तथा आतंकवादी उठाते हैं जो इनकी आड़ में भीतर चले आने की कोशिशों में अक्सर कामयाब होते रहते हैं। हालांकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण हर बार भारतीय सैनिकों को इन घटनाओं से कुछ राहत मिला करती थी मगर अबकी बार बर्फ नाममात्र की ही गिरने का परिणाम यह है कि आतकंवादियों की घुसपैठ सर्दियों में भी बिना किसी रोकटोक के जारी है।


