राजद MLC सुनील सिंह के खिलाफ पटना की सड़कों पर लगे पोस्टर, गबन और धोखाधड़ी का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा सुनील सिंह को फिर से एमएलसी बनाए जाने के निर्णय को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी में उठे असंतोष के बाद शनिवार को पटना की सड़कों के किनारे सुनील सिंह को 'नटवरलाल' बताते हुए एक पोस्टर लगाए गए हैं, हालांकि पोस्टर किसने लगाए इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा सुनील सिंह को फिर से एमएलसी बनाए जाने के निर्णय को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी में उठे असंतोष के बाद शनिवार को पटना की सड़कों के किनारे सुनील सिंह को 'नटवरलाल' बताते हुए एक पोस्टर लगाए गए हैं, हालांकि पोस्टर किसने लगाए इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
सड़कों के किनारे लगाए गए इस पोस्टर में सुनील सिंह के अलावा उनके पुत्र, पत्नी की भी तस्वीर है। पोस्टर में सुनील सिंह की तस्वीर के सामने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा हुआ है, 'बिहार के 'नटवरलाल' बने एमएलसी बनने पर बहुत-बहुत बधाई'।
उसके बाद लिखा गया है, ' एफआईआर नंबर 305, धोखाधड़ी कर यादव समाज की महिला से गबन की गई राशि 16.5 लाख, धोखाधड़ी के बादशाह'। इसके नीचे उनके पुत्र यशस्वी और उनकी पत्नी की भी तस्वीर लगाकर उन पर भी गबन और धोखाधड़ी के कथित आरोपों का जिक्र किया गया है। पोस्टर के सबसे नीचे लिखा गया है कि "धोखाधड़ी एवं लूट-खसोट करने के मुखिया सुनील सिंह को महागठबंधन की ओर से एमएलसी बनने पर बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।"
हालांकि स्पष्ट नहीं है कि पोस्टर किस संगठन, व्यक्ति या राजनीतिक दल की ओर से लगाया गया है। राजद की ओर से सुनील कुमार सिंह को एमएलसी चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी में ही असंतोष दिखने लगा था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव और पुत्री रोहिणी आचार्या ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि पार्टी ने उनके इस्तीफे को मंजूर नहीं किया।


