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गणतंत्र दिवस परेड में नेता विपक्ष के पद से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया: गौरव गोगोई

गुवाहाटी, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस परेड में विपक्ष के नेताओं के बैठने की व्यवस्था को लेकर केंद्र की आलोचना की।

गणतंत्र दिवस परेड में नेता विपक्ष के पद से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया: गौरव गोगोई
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गुवाहाटी, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस परेड में विपक्ष के नेताओं के बैठने की व्यवस्था को लेकर केंद्र की आलोचना की।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में तीसरी पंक्ति में बैठाए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि विपक्ष के नेता के पद से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।

पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर संसद को लोकतंत्र का मंदिर बताते हैं, लेकिन विपक्ष के नेताओं के साथ किए गए व्यवहार से गंभीर प्रश्न उठते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं बार-बार घटित हो चुकी हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री से यह स्पष्टीकरण मांगा कि राष्ट्रीय महत्व के एक कार्यक्रम में संवैधानिक पद को क्यों कमजोर किया जा रहा है।

वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित गणतंत्र दिवस 'एट होम' स्वागत समारोह में पारंपरिक पटका न पहनने के लिए पूर्वोत्तर का अपमान करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सांस्कृतिक प्रतीकों का चुनिंदा रूप से राजनीतिक हमलों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

गोगोई ने राजनीतिक संयम बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि सांस्कृतिक पहचान को पक्षपातपूर्ण चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग नेताओं का मूल्यांकन उनके प्रतीकात्मक संकेतों के बजाय संकट के समय उनके कार्यों के आधार पर करते हैं।

यह दावा करते हुए कि राहुल गांधी ने कठिन परिस्थितियों में लगातार इस क्षेत्र से संपर्क बनाए रखा है, गोगोई ने आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर में समस्याओं के समय प्रधानमंत्री अक्सर अनुपस्थित रहे।

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और असम की पारंपरिक 'पटका' से जुड़ी घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना असम और उत्तर-पूर्वी भारत की संस्कृति और भावनाओं के प्रति उनकी निरंतर असंवेदनशीलता को दर्शाती है।

तिनसुकिया जिले के डिगबोई में आयोजित राज्य सरकार के एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि वह इस विवाद से आश्चर्यचकित नहीं हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार राहुल गांधी ने असम और उत्तर-पूर्वी भारत के लोगों के प्रति अनादर दिखाया है। मैं अपना बहुमूल्य समय उन पर चर्चा करने में बर्बाद नहीं करना चाहता।

--आईएएनएस

एमएस/


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