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नववर्ष संबोधन में पुतिन बोले- यूक्रेन युद्ध अभी खत्म होने के आसार नहीं, ड्रोन हमले के दावे पर अमेरिका-रूस आमने-सामने

नववर्ष के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के मौजूदा रुख को देखते हुए संघर्ष के जल्द खत्म होने की तस्वीर नहीं बनती और यह लड़ाई नए वर्ष में भी जारी रह सकती है।

नववर्ष संबोधन में पुतिन बोले- यूक्रेन युद्ध अभी खत्म होने के आसार नहीं, ड्रोन हमले के दावे पर अमेरिका-रूस आमने-सामने
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मॉस्को/वाशिंगटन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिए हैं कि यूक्रेन में चल रहा युद्ध निकट भविष्य में समाप्त होता नहीं दिख रहा है। नववर्ष के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के मौजूदा रुख को देखते हुए संघर्ष के जल्द खत्म होने की तस्वीर नहीं बनती और यह लड़ाई नए वर्ष में भी जारी रह सकती है। उन्होंने युद्ध में शामिल रूसी सैनिकों की बहादुरी और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि रूस साहस, त्याग और विजय में विश्वास रखता है।

पुतिन के लिए 31 दिसंबर का दिन प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा। इसी दिन उन्होंने रूस की सत्ता संभालते हुए 26 वर्ष पूरे किए। अपने लंबे शासनकाल का उल्लेख किए बिना भी पुतिन ने यह स्पष्ट किया कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन नेतृत्व और सेना दोनों मोर्चों पर रूस कमजोर नहीं पड़ेगा।

शांति प्रयासों के बीच सख्त संदेश
पुतिन का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास तेज हुए हैं। बीते रविवार को फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर अहम बातचीत हुई थी। इसके अलावा छह जनवरी को जेलेंस्की की यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें शांति प्रक्रिया पर चर्चा होने की उम्मीद है।


संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं

हालांकि, जेलेंस्की ने भी साफ कर दिया है कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर रूस के सामने समर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन शांति चाहता है, लेकिन यह शांति सम्मानजनक होनी चाहिए और देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जेलेंस्की के इस रुख से स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह अब भी कठिन बनी हुई है।

पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले के दावे पर विवाद
इसी बीच रूस और अमेरिका के बीच एक और विवाद ने तूल पकड़ लिया है। रूस ने दावा किया था कि 28-29 दिसंबर की रात यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला करने की कोशिश की। यह आवास पुतिन के कई सरकारी आवासों में से एक बताया गया था।


दावे को सिरे से खारिज कर दिया

हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए ने रूस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। सीआइए का कहना है कि उसके पास ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे इस कथित ड्रोन हमले की पुष्टि हो सके। एजेंसी के निदेशक जॉन रेडक्लिफ ने इस संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जानकारी दे दी है।

ट्रंप ने पुतिन के आवास पर हमले की कथित कोशिश को लेकर नाराजगी जाहिर की थी, जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। वहीं, यूक्रेन के बाद अब यूरोपीय संघ ने भी रूस के दावे पर सवाल खड़े किए हैं।

यूरोपीय संघ का आरोप: वार्ता विफल करने की कोशिश
यूरोपीय संघ का कहना है कि रूस ने पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले की कहानी इसलिए गढ़ी है ताकि शांति के लिए चल रही अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं को कमजोर किया जा सके। यूरोपीय संघ के अनुसार, वास्तविकता यह है कि पुतिन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के इच्छुक नहीं हैं और ऐसे दावे संघर्ष को लंबा खींचने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

रूस का पलटवार
सीआइए और यूरोपीय संघ के बयानों के जवाब में रूस ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। रूस के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के माध्यम से ड्रोन हमले से जुड़े वीडियो फुटेज और तकनीकी डाटा मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंपे गए हैं। रूस का दावा है कि उसके पास इस हमले के पुख्ता सबूत हैं और पश्चिमी देश जानबूझकर सच्चाई को नजरअंदाज कर रहे हैं।

अनिश्चितता बरकरार
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच इतना साफ है कि यूक्रेन युद्ध को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जहां एक ओर कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से हालात और जटिल होते जा रहे हैं। पुतिन के नववर्ष संबोधन ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाला साल भी यूक्रेन और दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।


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