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भारतमाला हाईवे मुआवजा घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले में जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। ईडी रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर के रहने वाले जयप्रकाश गांधी को बुधवार को भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।

भारतमाला हाईवे मुआवजा घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार
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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले में जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। ईडी रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर के रहने वाले जयप्रकाश गांधी को बुधवार को भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।

ईडी ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ के एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के वितरण में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित थी।

ईडी की जांच में पता चला कि जयप्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से अधिसूचित हाईवे अलाइनमेंट (सीध) के दायरे में आने वाली जमीन को अधिग्रहित कर लिया था और बाद में उसे 500 वर्ग मीटर से कम माप वाले छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया था। आरोप है कि जमीन का बंटवारा सिर्फ इस एकमात्र इरादे से किया गया था कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से बढ़ा हुआ मुआवजा प्राप्त किया जा सके।

जांच ​​में आगे यह भी पता चला है कि उपरोक्त धोखाधड़ी वाले तरीके को अपनाकर, आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने वैध रूप से देय राशि (जो केवल 56.76 लाख रुपए थी) के मुकाबले, लगभग 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा प्राप्त किया। इस प्रकार, उन्होंने लगभग 9.27 करोड़ रुपए की 'अपराध से अर्जित संपत्ति' उत्पन्न की। जांच में आगे यह भी सामने आया है कि इस 'अपराध से अर्जित संपत्ति' को बाद में शेयरों, म्यूचुअल फंडों और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करके छिपाया और मुख्यधारा में मिलाया गया।

इससे पहले, ईडी ने 28 अप्रैल को इस मामले में रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिलों के विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान मुआवजे के धोखाधड़ीपूर्ण अधिग्रहण से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए थे।

गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर के समक्ष पेश किया गया, जिसने आरोपी की तीन दिनों की ईडी हिरासत मंजूर कर ली है। इस मामले में जांच जारी है। इसी के साथ साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों तथा सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।



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