रात भर चला वकीलों का धरना, आज कार्य से विरत रहेंगे अभिभाषक
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पुलिस रिमांड पर नहीं दिए जाने से आक्रोशित होकर न्यायालय कक्ष में वकीलों द्वारा शुरू किया गया

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पुलिस रिमांड पर नहीं दिए जाने से आक्रोशित होकर न्यायालय कक्ष में वकीलों द्वारा शुरू किया गया धरना रात भर जारी रहने के बाद जिला अभिभाषक संघ ने आज कार्य से विरत रहने का निर्णय किया है।
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश साबिर अहमद खान के समक्ष पेश किया था। आरोपियों को पुलिस रिमांड पर नहीं देते हुए सीधे ज्युडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया था। इस बात से अभिभाषक आक्रोशित हो उठे थे और न्यायालय कक्ष में धरने पर बैठ गए थे। वकीलों की मांग थी कि न्यायाधीश कोर्ट में आकर आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश प्रदान करें।
वकीलों के आक्रोश को देखते हुए अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर न्यायाधीश खान ने अपने निवास से ही न्यायालयीन समय में इस पर विचार करने का आदेश दिया था। आक्रोशित वकील इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनकी मांग थी कि न्यायाधीश स्वयं आकर यह आदेश सुनाएं। इसी बात को लेकर वकीलों ने अपना धरना जारी रखा।
दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी भी दरमियानी रात वकीलों को समझाने के लिए पहुंचे, परंतु अभिभाषकों ने न्यायाधीश के आने से पहले धरना खत्म करने से इंकार कर दिया।
न्यायालय कक्ष में धरना दे रहे वकीलों ने आज कार्य से विरत रहने की घोषणा की है।
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दशरथ पाटीदार ने बताया कि सभी अभिभाषक आज कार्य से विरत रहेंगे। हालांकि वकील विशेष न्यायाधीश खान के न्यायालय में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ पैरवी करेंगे।


