लालू की सेवा में 8 दिन तक तैनात रहे बड़े डॉक्टर्स
लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ी तो स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के तीन सीनियर डॉक्टरों को 8 दिन तक अपने घर पर ही तैनात कर दिया।
बिहार। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की बजाय उन्हें ही अपने घर पर ड्यूटी के लिए तैनात कर रहे है, जब आरडेजी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ी तो स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के तीन सीनियर डॉक्टरों को 8 दिन तक अपने घर पर ही तैनात कर दिया। मंत्री जी ने 3 नर्से को भी लालू की सेवा में लगा दिया, यानि डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में पूरे आठ दिन तक 3 सीनियर डॉक्टर और 2 नर्सो की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा...डॉक्टरों की तैनाती की जानकारी IGIMS के एक 'कार्यालय आदेश' पत्र से सामने आई है।
इस पत्र के मुताबिक अस्पताल के तीन बड़े डॉक्टरों और दो मेल नर्स की ड्यूटी 31 मई 2017 से लेकर 8 जून 2017 तक तेज प्रताप के सरकारी आवास, 10 सर्कुलर रोड पर लगाई गई थी, जहां उनके पिता और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी रहते हैं।
तेज प्रताप के सरकारी आवास पर यह विशेष सुविधा दिए जाने के पीछे अस्पताल का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप उनके चेयरमैन हैं, इसी नाते उनके घर पर यह खास सुविधा दी जा रही है। किसी और व्यक्ति को यह सुविधा नहीं दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि लालू कुछ वक्त से बीमार हैं और इसी वजह से ही चेन्नै में विपक्षी दलों की रैली में हिस्सा लेने के लिए नहीं जा पाए थे। जानकारों का मानना है अस्पलात के नियम ऐसी तैनाती की इजाजत नहीं देते।
इस मामले पर बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि लालू को मरीज़ों की दिक्कतों से कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा कि अगर लालू ज्यादा बीमार थे तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होना चाहिए था...सुशील कुमार मोदी ने इस मामले में सीएम नीतीश को हस्तक्षेप करने की मांग की है.


