महिलाओं ने पारम्परिक वेषभूशा के साथ किया सुआ नृत्य
ग्राम सुनसुनिया में दो दिवसीय छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य सुआ नाचा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

बागबाहरा। ग्राम सुनसुनिया में दो दिवसीय छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य सुआ नाचा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके समापन अवसर पर मुख्य अतिथि जनपद सभापति केशव नायकराम चन्द्राकर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनसुनिया ग्राम पंचायत सरपंच भेखलाल चन्द्राकर एवं विषेश अतिथि के रूप में मामराज अग्रवाल एवं पुश्पेन्द्र चन्द्राकर रहे।
महोत्सव को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि केषवनायकराम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुआ नृत्य की परम्परा को जीवित रखने के लिए ग्राम सुनसुनिया में अंचल से सभी धर्म और जाति की महिलाओं ने पारम्परिक वेषभूशा के साथ सुआ नृत्य किया। सुआ नृत्य महोत्सव के वक्त उत्साह, उमंग और उल्लास से दर्षक झूम उठे और इस तरह की परम्परा को जीवित रखने से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और भी सुदृढ़ होती है।
ग्राम सुनसुनिया में देखने को मिला सभी धर्म व जाति के लोग ''छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़ियाÓÓ का नारा लगाते हुए बढ़ चढ़कर कार्यक्रम में भाग लिया, जो कि प्रषंसनीय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भेखलाल चन्द्राकर ने कहा कि हमारे ग्राम सुनसुनिया की यह परम्परा रही है कि इस गॉव में छत्तीसगढ़ के सभी पारम्परिक नृत्यों का आयोजन किया जाता है और हर त्यौहार को उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ ग्रामवासी मिल जुलकर मनाते हैं। विषेश अतिथि के रूप में पुश्पेन्द्र चन्द्राकर ने कहा कि यह पारम्परिक नृत्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार- धरती के सिंगार सुआ परिवार ग्राम शेेर, द्वितीय- धरती के सिंगार सुआ पार्टी मंजराही, तृतीय- जय मॉ षारदा सुआ पार्टी पचेड़ा एवं चतुर्थ- जय मॉ काली सुआ पार्टी लभराकला को प्रदान किया। सभी विजेता प्रतिभागियों को नगद राषि एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से रमेष चन्द्राकर, भोज पटेल, कमल सबर अध्यक्ष, मेघनाथ यादव, मनीश चन्द्राकर, महेन्द्र कुर्रे, परमानन्द, लखन नायक, बाबा राजपूत, लूनकरण नायक, चन्द्रषेखर चन्द्राकर, मानसिंग, नारायण नायक, बऊवा नायक, मनोज, मुकेष, प्रीतम ओगरे, गामा राजपूत सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे, कार्यक्रम का संचालन और आभार राजेष कौशिक ने किया।


