शराब दुकान की नींव पर महिलाओं ने रखा शिवलिंग
कोरबा ! नये सत्र से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार आबादी क्षेत्र से दूर शराब दुकान संचालन का विरोध के मध्य नये स्थल पर शराब बेचने हेतु बनवाये जा रहे दुकान का भी विरोध शुरू हो गया है

कोरबा ! नये सत्र से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार आबादी क्षेत्र से दूर शराब दुकान संचालन का विरोध के मध्य नये स्थल पर शराब बेचने हेतु बनवाये जा रहे दुकान का भी विरोध शुरू हो गया है। मानिकपुर, बालको, दर्री क्षेत्र में विरोध और प्रदर्शन के बाद ग्राम दादरखुर्द के रहवासी भी सामने आ गये हैं। यहां निर्माण हेतु खोदी गई नींव को ग्रामीणों ने पाट दिया और भगवान की मूर्ति रखकर पूजापाठ शुरू कर दिया है। आज दूसरे दिन भी यहां काम शुरू नहीं कराया जा सका और समझाईश देने पहुंचे अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष से शराब की बिक्री करने की तैयारी के पहले निगम के वार्ड क्रमांक 31 दादरखुर्द में शासन व आबकारी विभाग द्वारा दुकान निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए निगम द्वारा स्थल पर शुक्रवार को शराब दुकान बनाने के लिए जेसीबी से गड्ढ़ा खोदवाया गया था। थोड़ी देर बाद ग्रामीणों ने नींव को पाट दिया था और शनिवार को उसी स्थान पर शिव लिंग रख दिया। माां काली की तस्वीर लगाकर पूजा अर्चना शुरू कर दी है। दादरखुर्द और खरमोरा की महिलाएं सफरीन दाई नामक संगठन बनाकर विरोध कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उनकी मंशा जमीन पर कब्जा करने की नहीं है, लेकिन किसी भी हालत में यहां शराब दुकान नहीं खोलने देंगे। संगठन की अध्यक्ष लक्ष्मी यादव ने बताया कि ग्रामीणों की राय जाने बिना प्रशासन उनके गांव में शराब दुकान खोलना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो पूरा गांव बर्बाद हो जाएगा। नशे की लत लग जाएगी। पार्षद विनीता द्विवेदी ने कहा कि दादरखुर्द और खरमोरा की जमीन पर शराब दुकान नहीं खोलने देंगे। इसके लिए हमें जो भी करना पड़े करेंगे। इधर, विरोध बढ़ता देख तहसीलदार तुलाराम भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं से बातचीत की तथा उनकी समस्याएं सुनी। तहसीलदार ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि स्थान परिवर्तन की कोशिश की जाएगी। इसके लिए अफसरोंं से चर्चा की होगी। बहरहाल ग्रामीण अपनी मांग पर कायम हैं और निर्माण का कार्य फिलहाल रूका हुआ है।
किस मजबूरी में शराब बेचने जा रही सरकार : सिन्हा
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) नेता विनोद सिन्हा ने रमन सरकार द्वारा शराब भ_ी संचालन शासन के माध्यम से करने पर जारी बयान में कहा है कि पूर्ण शराब बंदी के बजाय पूरे छत्तीसगढ़ के साथ भाजपा शासित प्रदेश झारखंड में भ्ी शासन द्वारा स्वयं मदिरा बिक्री की घोषणा की गई है। भाजपा शासित प्रदेशों में ऐसे कौन सी मजबूरी का गई कि समाज की खंडित व प्रगति, खुशहाली में बाधक नशा को बढ़ावा देने वाली शराब को शासन स्वयं बिक्री करने पर आमादा है, नोटबंदी के उपरांत आने वाले आम चुनावों में किसी भी राजनीतिक दज के लिए कालाधन की कमी महसूस की जा रही है। इसी कड़ी में भाजपा ने आने वाले आम चुनाव 2018-19 निधानसभा व लोकसभा चुनावों में धन के संकट से निपटने के लिए बेमानी योजना के तहत काम कर रही है। श्री सिन्हा ने कहा कि शासन द्वारा मदिरा दुकानों के संचालक से रमन सरकार की छवि धूमिल होगी। कोरबा में मदिरा दुकानों के संचालन हेतु कांग्रेस शासित निगम द्वारा नया दुकान बनाने के लिए निविदा जारी की गई है। इससे प्रतीत होता है कि कांग्रेस विधायक व महापौर शराब दुकानों का विरोध करना एक दिखावा है।


