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एसईसीएल के धमाकों से दहशत में भू-विस्थापित

कोरबा-हरदीबाजार ! एसईसीएल प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण लोगों को भारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

एसईसीएल के धमाकों से दहशत में भू-विस्थापित
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दीपका परियोजना प्रभावितों में बढ़ रहा आक्रोश
कोरबा-हरदीबाजार ! एसईसीएल प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण लोगों को भारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दीपका परियोजना के अंतर्गत सुआभोड़ी के ग्रामीण गांव की सीमा से सटे खदान में कोयला उत्खनन के लिए किये जाने वाले विस्फोट से दहशत में जीने को मजबूर हैं। खदान के सबसे नजदीक यहां के आंगनबाड़ी भवन, प्राथमिक स्कूल सहित मकानों की छत दरक रहे हैं और धमाकों के कारण बड़ी-बड़ी दरार से जनजीवन खतरे में है।
एसईसीएल की दीपका परियोजना के लिए ग्राम सुआभोड़ी का जमीन का अधिग्रहण दो अलग-अलग समय में किया गया है। कोल बेयरिंग एक्ट 1957 के तहत हरदीबाजार ब्लाक 20 मिलियन टन प्रतिवर्ष उत्पादन के लिए अन्य तीन गांव के साथ पहले अधिग्रहण वर्ष 2001 से 2005 तक धारा 4 से धारा 11 के आधीन 333 हेक्टेयर जमीन ली गयी थी । इसी तरह से दूसरी बार विस्तार परियोजना के लिये वर्ष 2007 से 2010 के मध्य अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर पुन: उन्ही गांव की 105 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, किन्तु एसईसीएल प्रबधन के द्वारा पूर्व में किये गए अधिग्रहण के बदले बसाहट के एवज में दी गयी राशि का हवाला देते हुए पुनर्वास देने से इनकार कर दिया गया है। इसके कारण यहां के लोंगो ने अपना गांव खाली करने से इनकार कर दिया है और बसाहट की मांग कर रहे हंै। इस बीच गांव के 277 मकानों का नापी कर बाकी बचे लगभग 150 मकानों की नापजोख की कार्यवाही रोक दी गयी है, जिससे ग्रामीणों में रोष देखा जा रहा है जो कभी भी विस्फोटक स्थिति में जा सकता है। माकपा के जिला सचिव सपुरन कुलदीप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने विगत दिवस एसईसीएल दीपका क्षेत्र के ग्राम सुआभोड़ी का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया।
आंगनबाड़ी व स्कूल भवन में दरार, श्मशान को भी नहीं छोड़ा
सपुरन कुलदीप ने बताया कि ग्राम सुआभोड़ी के आंगनबाड़ी में 13 और प्राथिमक स्कूल में 33 बच्चे अध्ययनरत हैं। धमाकों के कारण स्कूल के रसोई घर के छत की परतें गिरने से दूसरी जगह खाना बनाने की नौबत आ गई है। खदान के लिए गाँव के श्मशानघाट को चारों ओर से खोद दिया गया है और खदान के बीचोबीच छोड़ा गया है जिससे लोंगो को अपने पूर्वजों की बरसी और अन्य क्रियाकर्म के लिए उक्त स्थल में जाना मुमकिन नहीं है। उन समाधियों को विधि विधान से अन्य जगह स्थानन्तरित भी नहीं किया जा रहा है ।
भूविस्थापितों को न्याय दिलाने करेंगे संघर्ष
माकपा ने कहा कि नया भूअधिग्रहण अधिनियम को दरकिनार कर जमीन माफिया की तरह पेश आने वाले सरकारी और निजी उद्योगों के खिलाफ पार्टी लगातार ग्रामीणों को संगठित कर रही है और उनका संगठन बनाकर अपने अधिकार के प्रति जागरूक कर रही है। आने वाले दिनों में इसका और विस्तार किया जाएगा तथा सीधे पार्टी के बैनर तले आंदोलन के लिए तैयार किया जायेगा। ग्राम सुआभोड़ी में ग्रामसभा के बगैर अधिग्रहण की कार्यवाही की गयी है। ग्राम के अधिकतम पंच भी विरोध में है इसके बावजूद दबाव और छलपूर्वक जमीन छीनी जा रही है। प्रतिनधि मंडल ने जब गाँव में जानकारी ली तो कई आपत्तियां दर्ज कराते हुए ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा सुनाया है जिस पर कलेक्टर से मिलकर कार्यवाही की मांग की जाएगी।


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