Top
Begin typing your search above and press return to search.

किशोरी 6 साल की उम्र में हुई शादी रद्द कराने अदालत पहुंची

छह साल की छोटी सी उम्र में विवाहित पिंटूदेवी ने आखिरकार 12 साल तक जूझने के बाद अपने बाल विवाह को र्द्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है

किशोरी 6 साल की उम्र में हुई शादी रद्द कराने अदालत पहुंची
X

जोधपुर। छह साल की छोटी सी उम्र में विवाहित पिंटूदेवी ने आखिरकार 12 साल तक जूझने के बाद अपने बाल विवाह को र्द्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पिथवास गांव में दिहाड़ी मजदूर सोहनलाल बिश्नोई की बेटी की शादी सरन नगर के एक युवक से हुई थी।

यहां पारिवारिक अदालत में बाल विवाह को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल करने के बाद अब 18 वर्ष की हो चुकी पिंटूदेवी ने आईएएनएस को बताया, "मेरी शादी उस वक्त हुई थी, जब मैं सिर्फ छह साल की थी। मेरे ससुराल वाले आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे, जिनसे मैं काफी डरती थी। और भी कई कारण हैं जिसके चलते मैं ससुराल नहीं जाना चाहती।"

पिंटूदेवी के ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे शादी के खिलाफ जाने पर उसके और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की धमकी दी है।

पुनर्वास मनोवैज्ञानिक और सारथी ट्रस्ट की प्रबंध निदेशक कीर्ति भारती की मदद से पिंटूदेवी ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

पारिवारिक अदालत-1 के न्यायाधीश पी.के.जैन ने याचिका दर्ज कर और उसके पति को नोटिस जारी कर 22 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान पेश होने को कहा है।

भारती ने कहा, "शादी रद्द होने के बाद परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it