किसान आंदोलन: खत्म हुई उच्चस्तरीय बैठक, वार्ता पर हैं अब निगाहें
आज का दिन किसान आंदोलन के लिए अहम है।

नई दिल्ली। आज का दिन किसान आंदोलन के लिए अहम है। आज किसान और सरकार के बीच पांचवे दौर की वार्ता होगी। इस वार्ता पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं क्योंकि किसानों ने साफ कह दिया है कि ये आखिरी दौर की वार्ता हो सकती है। किसानों ने उग्र रुप अपना लिया है। कल बॉर्डर पर हुई बैठक के बाद किसानों ने साफ कह दिया है कि अब ये इस आंदोलन को और उग्र बनाएंगे औऱ राजधानी दिल्ली को चारों ओर से घेरेंगे। किसान यूनियन के नेताओं ने कहा है कि अगर आज की बैठक में कोई निर्णय नहीं निकलता तो सभी बॉर्डर सील किए जाएंगे साथ ही खाद्य आपूर्ति भी रोक दी जाएगी।
आपको बता दें कि किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का भी ऐलान कर दिया है। किसान अब सरकार को झुकाने के लिए हर हथकंडे अपना रही है। किसानों के समर्थन में अब नेताओं से लेकर वामदलों ने भी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। आज सुबह ही जहां गाजीपुर बॉर्डर पर कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पहुंचे, वहीं चिल्ला बॉर्डर पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे हुए हैं। भीड़ को बढ़ता देख कर पुलिस ने भी चिल्ला बॉर्डर पर स्थाई बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया है।
सरकार के द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन अब बढ़ता ही जा रहा है । आज शनिवार को किसानों से होने वाली वार्ता से पहले उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है। जी हां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल के बीच में बैठक हुई है और इस बैठक में किसानों को लेकर ही चर्चा हुई है।
उच्चस्तरीय बैठक तो हो चुकी है और अब देश की निगाहें दो बजे होने वाली वार्ता पर हैं। पिछले 9 दिन से लगातार किसान दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं और 10वें दिन भी ये प्रदर्शन लगातार जारी है। आपको बता दें कि किसान और सरकार के बीच चार बार बातचीत हो चुकी है लेकिन इस बातचीत से अभी तक कोई हल निकलकर सामने नहीं आया है।


