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विधानसभा चुनाव खत्म होते ही एलपीजी के दाम बढ़ाना गलत, केंद्र सरकार वापस ले फैसला : पी. विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और विधानसभा चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ाने का आरोप लगाया।

विधानसभा चुनाव खत्म होते ही एलपीजी के दाम बढ़ाना गलत, केंद्र सरकार वापस ले फैसला : पी. विजयन
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तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और विधानसभा चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ाने का आरोप लगाया।

पी. विजयन ने कहा, "खाना पकाने की गैस की कीमतों में अब तक की सबसे तेज वृद्धि आम लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत अचानक 993 रुपए की बढ़ोतरी से 3,000 रुपए से अधिक हो गया है, जो होटल और रेस्तरां के लिए एक बड़ा झटका है। इसके अलावा, प्रवासी श्रमिकों और छोटे परिवारों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 251.50 रुपए की वृद्धि की गई है। इस तीव्र वृद्धि ने आम लोगों, छोटे उद्यमियों और प्रवासी श्रमिकों को गहरे संकट में डाल दिया है।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "यह निर्णय केरल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद आया है। पश्चिम एशियाई संकट के कारण महीनों से खाना पकाने की गैस की कमी से जूझ रहा होटल, रेस्टोरेंट सहित हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र इस अनुचित बोझ को सहन करने की स्थिति में नहीं है। इस बढ़ी हुई लागत का असर जनता पर ही पड़ेगा। केरल सहित देश में कई छोटे प्रतिष्ठान अब बंद होने की कगार पर हैं।"

विजयन ने कहा, "तेल कंपनियों के मुनाफे की रक्षा के लिए जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का यह चलन अस्वीकार्य है। जन कल्याण पर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देने वाली केंद्र सरकार की नीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। हम केंद्र सरकार से इस अत्यधिक मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लेने की पुरजोर मांग करते हैं।"

केरल में चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले मुख्यमंत्री विजयन ने अपने दूसरे कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक ऑनलाइन की। कैबिनेट की अंतिम बैठक में वालपराई दुर्घटना के पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी देना था, जिसमें मलप्पुरम के पांग सरकारी यूपी स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों को ले जा रहा एक वाहन पलट गया था और कई लोगों की जान चली गई थी।

मंत्रिमंडल ने पांच मृतकों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से 10 लाख रुपए के मुआवजे को मंजूरी दी। प्रतिपूर्ति भी राहत कोष से की जाएगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने बारहवें वेतन आयोग के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 14 अतिरिक्त पदों के सृजन के पूर्व आदेश की पुष्टि की।


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