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मिल्मा ने सबरीमाला घी घोटाले में किसी भी भूमिका को किया खारिज, कथित मिलावट पर उठाए सवाल

केरल के प्रतिष्ठित सबरीमाला मंदिर में घी की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं पर विवाद ने सोमवार को एक नया मोड़ ले लिया, जब राज्य सरकार की सहकारी संस्था मिल्मा ने इस प्रकरण में किसी भी भूमिका से इनकार किया और सवाल उठाया कि कथित छेड़छाड़ अब तक किसी का ध्यान कैसे नहीं जा सकी

मिल्मा ने सबरीमाला घी घोटाले में किसी भी भूमिका को किया खारिज, कथित मिलावट पर उठाए सवाल
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तिरुवनंतपुरम। केरल के प्रतिष्ठित सबरीमाला मंदिर में घी की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं पर विवाद ने सोमवार को एक नया मोड़ ले लिया, जब राज्य सरकार की सहकारी संस्था मिल्मा ने इस प्रकरण में किसी भी भूमिका से इनकार किया और सवाल उठाया कि कथित छेड़छाड़ अब तक किसी का ध्यान कैसे नहीं जा सकी।

ताजा विवाद सबरीमाला सोने की हेराफेरी मामले के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड के लगभग 15 अधिकारियों और अन्य को गिरफ्तार किया गया था, जिससे मंदिर की संपत्ति और चढ़ावे के प्रबंधन पर चिंताएं बढ़ गई हैं।

केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ), या मिल्मा के अध्यक्ष केएस मणि ने कथित घी घोटाले से डेयरी सहकारी समिति को जोड़ने वाली रिपोर्टों को निराधार बताया और कहा कि मिल्मा द्वारा आपूर्ति किए गए किसी भी घी में कोई मिलावट या हेराफेरी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि सबरीमाला में भेजे गए घी के प्रत्येक बैच का राज्य प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया और निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के बाद ही भेजा गया।

उनके अनुसार, त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने कभी भी मिल्मा को आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया कि उसके घी की गुणवत्ता में कमी पाई गई है।

केएस मणि ने कहा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसमें मिल्मा की कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंने यह भी संभावना जताई कि बाहरी व्यापारी शामिल हो सकते हैं और चेतावनी दी कि अगर मिल्मा के नाम, लोगो या प्रतीक का दुरुपयोग किया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

केएस मणि ने पूछा कि पम्पा में निरीक्षण बिंदु पर पथानामथिट्टा से सबरीमाला तक पारगमन के दौरान घी के किसी भी प्रतिस्थापन का पता क्यों नहीं चला। उन्होंने कहा कि अगर मंदिर के अधिकारियों ने कोई विसंगति देखी थी तो उन्होंने तुरंत मिल्मा को सूचित क्यों नहीं किया।

मिल्मा प्रमुख ने कहा कि सहकारी समिति चल रही जांच में पूरा सहयोग देगी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि मिल्मा का कोई भी अधिकारी इसमें शामिल पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विवाद के बावजूद केएस मणि ने दावा किया कि मिल्मा घी की बिक्री अप्रभावित रही है।

उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम क्षेत्रीय संघ के प्रबंध निदेशक से रिपोर्ट मिलने के बाद आंतरिक जांच के आदेश पर निर्णय लिया जाएगा।


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