Top
Begin typing your search above and press return to search.

केरल पीएससी की तीन और परीक्षाएं जांच के दायरे में: पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर की सख्त कार्रवाई की मांग

केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की तीन और भर्ती परीक्षाओं की आपराधिक जांच शुरू होने जा रही है। इससे भर्ती घोटाला और बड़ा हो गया है। इसी घोटाले के चलते पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने पीएससी के अध्यक्ष और 15 सदस्यों को उनके पदों से हटाने की सिफारिश की थी। रविवार को यह खबर सामने आई कि अर्लेकर ने कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा है।

केरल पीएससी की तीन और परीक्षाएं जांच के दायरे में: पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर की सख्त कार्रवाई की मांग
X

तिरुवनंतपुरम। केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की तीन और भर्ती परीक्षाओं की आपराधिक जांच शुरू होने जा रही है। इससे भर्ती घोटाला और बड़ा हो गया है। इसी घोटाले के चलते पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने पीएससी के अध्यक्ष और 15 सदस्यों को उनके पदों से हटाने की सिफारिश की थी। रविवार को यह खबर सामने आई कि अर्लेकर ने कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा है।

क्राइम ब्रांच द्वारा असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और विलेज ऑयल इंस्पेक्टर की भर्ती से जुड़े नए मामले दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इन घटनाओं के बाद पीएससी की जांच और कड़ी हो गई है क्योंकि प्रश्न पत्रों, रैंक लिस्ट और नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

15 अक्टूबर को अपना पद छोड़ने से कुछ समय पहले अर्लेकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एक सिफारिश भेजी थी। यह सिफारिश मुख्य रूप से पीएससी के अपने आंतरिक सतर्कता विभाग की जांच पर आधारित थी, जिसमें परीक्षाओं के आयोजन में गंभीर खामियां पाई गई थीं। इन निष्कर्षों के बावजूद उचित कार्रवाई न किए जाने की बात उनके हस्तक्षेप के पीछे एक मुख्य कारण थी।

'असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर' परीक्षा के मामले में शुरुआती जांच से पता चला है कि पीएससी की तैयारी कराने वाले एक प्रमुख कोचिंग सेंटर द्वारा तैयार किए गए सवालों को ही परीक्षा के प्रश्न पत्र में शामिल कर लिया गया था। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये सवाल परीक्षा में कैसे आए और क्या इससे कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिला?

'फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर' की भर्ती पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि रैंक लिस्ट में टॉप 100 में शामिल सभी उम्मीदवार 'केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज' के छात्र थे। अन्य उम्मीदवारों का आरोप है कि उसी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने प्रश्न पत्र तैयार किया और वे इंटरव्यू बोर्ड में भी शामिल थे, जिससे 'हितों के टकराव' की स्थिति पैदा होती है। ऐसे आरोप भी सामने आए हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया में एसएफआई कार्यकर्ताओं और छात्र संघ नेताओं को फायदा पहुंचाया गया।

'विलेज ऑयल इंस्पेक्टर' की भर्ती में पीएससी के एक अधिकारी की पत्नी को कथित तौर पर तब नियुक्त कर लिया गया, जब उनके पास जरूरी योग्यताएं भी नहीं थीं। इस आरोप ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भर्ती के नियमों को चुनिंदा तरीके से लागू किया गया था।

ये नए मामले ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पीएससी पर पहले से ही काफी दबाव है। यह दबाव केरल हाईकोर्ट के उस दखल के बाद बढ़ा है, जो परीक्षाओं में हुई व्यापक गड़बड़ियों की जांच से जुड़ा है।

राज्य सरकार ने पहले ही एक 'विशेष जांच दल' (एसआईटी) का गठन किया था लेकिन जांच की धीमी गति को लेकर इसकी आलोचना हो रही है। पूर्व राज्यपाल ने भी पीएससी के अध्यक्ष और सचिव को लोक भवन बुलाकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था।

उनके जवाबों से असंतुष्ट होकर पूर्व राज्यपाल ने माना कि इस संवैधानिक संस्था में जनता का भरोसा फिर से कायम करने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it