केरलम में CM के लिए विधायकों की पहली पसंद वेणुगोपाल, क्या सहयोगियों का भी मिलेगा समर्थन?
चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को भारी बहुमत मिला है। 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतने में सफल रही। इस प्रचंड जनादेश के बाद पार्टी अब नेतृत्व को लेकर संतुलित और सर्वमान्य फैसला लेने की कोशिश में जुटी हुई है।

तिरुअनंतपुरम : Keralam New CM: केरलम में विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल नए मुख्यमंत्री के चयन का है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला संभवतः रविवार तक हो सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस संबंध में अंतिम निर्णय लेंगे। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में विधायकों और सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत की।
चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को भारी बहुमत मिला है। 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतने में सफल रही। इस प्रचंड जनादेश के बाद पार्टी अब नेतृत्व को लेकर संतुलित और सर्वमान्य फैसला लेने की कोशिश में जुटी हुई है।
सीएम पद की दौड़ में तीन बड़े चेहरे
मुख्यमंत्री पद के लिए फिलहाल तीन प्रमुख नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इनमें कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल, वर्तमान विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अधिकांश नवनिर्वाचित विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में नजर आ रहे हैं। संगठन और केंद्रीय नेतृत्व में उनकी मजबूत पकड़ को भी उनके पक्ष में बड़ा कारक माना जा रहा है। हालांकि वीडी सतीशन ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कांग्रेस को मजबूत विपक्ष के रूप में खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है। वहीं रमेश चेन्निथला का लंबा राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। मुख्यमंत्री की दौड़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के समर्थन में करीब 43 विधायक हैं, जबकि अभी तक राज्य में नेता विपक्ष रहे वी डी सतीशन के पास 35 और रमेश चेन्निथाला के पास 22 विधायक हैं। अगर वेणुगोपाल रेस से हटते हैं तो वीडीएस यानी वडसेरी दामोदरन सतीशन राज्य के नए सीएम बनेंगे।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव
नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एआइसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन के अलावा केरल प्रभारी दीपा दासमुंसी भी मौजूद रहीं। कांग्रेस के सभी 63 नवनिर्वाचित विधायक बैठक में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने बैठक के बाद बताया कि विधायक दल ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को विधायक दल के नेता और मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार दिया गया है। इस प्रस्ताव को सनी जोसेफ ने पेश किया, जबकि वर्तमान विधायक दल के नेता वीडी सतीशन ने इसका समर्थन किया। बैठक के दौरान पर्यवेक्षकों ने विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके विचार भी जाने। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मुख्यमंत्री का चयन ऐसा हो, जो संगठन और सरकार दोनों को मजबूती दे सके।
पर्यवेक्षक जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, मुकुल वासनिक और अजय माकन जल्द ही नई दिल्ली लौटकर अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे। रिपोर्ट में विधायकों की राय, सहयोगी दलों की प्राथमिकताएं और संभावित राजनीतिक समीकरणों का उल्लेख किया जाएगा। इसके आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष अंतिम निर्णय लेंगे। एआइसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक ने कहा कि विधायकों ने सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष को विधायक दल के अगले नेता के चयन का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों ने एकजुट होकर पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताया है और जल्द ही फैसला घोषित किया जाएगा। कांग्रेस विधायक के. मुरलीधरन ने भी संकेत दिए कि रविवार तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है। इससे पहले पार्टी अंदरूनी सहमति बनाने की कोशिश कर रही है ताकि किसी तरह का असंतोष सामने न आए।
सहयोगी दलों की राय भी अहम
यूडीएफ गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों की राय को भी कांग्रेस गंभीरता से ले रही है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री चयन को लेकर अपना पक्ष कांग्रेस नेतृत्व के सामने रख दिया है। इसके अलावा केरलम कांग्रेस, केरलम कांग्रेस (जैकब) और आरएसपी जैसे सहयोगी दलों के नेताओं ने भी पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर अपने विचार साझा किए। यूडीएफ की बड़ी जीत में सहयोगी दलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए कांग्रेस किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों को साथ लेकर चलना चाहती है।
समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन शुरू
मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होने के साथ ही समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिल रहा है। केसी वेणुगोपाल के समर्थकों ने राज्य कांग्रेस मुख्यालय और कई प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए हैं। इनमें वेणुगोपाल को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग दिखाई दे रही है। दूसरी ओर वीडी सतीशन के समर्थकों ने भी विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व इस शक्ति प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अंतिम फैसला संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
सीएम की दौड़ में तीन मुख्य चेहरे
1.केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस में ताकतवर महासचिव केसी वेणुगोपाल केरल से सांसद हैं। वह राहुल गांधी के नजदीक हैं। अगर वह सीएम बनते हैं तो कांग्रेस को किसी अन्य को संगठन महासचिव बनाना होगा। हालांकि राज्य में सत्ता होने पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है। वेणुगोपाल के पास करीब 43 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है।
2. वीडी सतीशन: केरल में विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने 100+ सीटों के लक्ष्य के साथ गठबंधन का नेतृत्व किया। वे भी प्रबल दावेदार हैं। उन्हें सहयोगी दलों खासकर IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) का समर्थन प्राप्त है। सतीशन की छवि आक्रामक नेता की है। उन्हें राज्य की राजनीति की गहरी समझ है।
3. रमेश चेन्निथला : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है। वे अपनी प्रशासनिक क्षमता और जमीनी पकड़ के दम पर रेस में बने हुए हैं। चेन्निथला महाराष्ट्र जैसी बड़े राज्य में कांग्रेस के प्रभारी का दायित्व संभाल चुके हैं। वह शशि थरूर के भी निकट माने जाते हैं। वह हरिपद से चुनाव जीते हैं।
कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
केरलम में लंबे समय बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को इतनी बड़ी जीत मिली है। ऐसे में पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की है। नया मुख्यमंत्री केवल सरकार का नेतृत्व ही नहीं करेगा, बल्कि राज्य में कांग्रेस की भविष्य की राजनीति को भी दिशा देगा। पार्टी नेतृत्व ऐसा चेहरा चुनना चाहता है जो प्रशासनिक अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और गठबंधन को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो। यही वजह है कि हाईकमान किसी जल्दबाजी के बजाय सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लेने की तैयारी में है। अब सबकी नजरें दिल्ली पर टिकी हैं, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आने वाले दिनों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे।


