क्या वाकई प्रेग्नेंट है वायरल गर्ल मोनालिसा? पति फरमान ने किया दावा, कस्टडी में लेने पहुंची थी पुलिस
मोनालिसा इन सभी आरोपों को खारिज कर रही है। उसका कहना है कि वह 18 वर्ष की हो चुकी है और उसने अपनी मर्जी से फरमान से शादी की है। उसने दावा किया कि दोनों ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में विवाह किया।

कोच्चि। Monalisa Bhosale Mohammad Farman Love Story: प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई मोनालिसा भोंसले और उसके पति मोहम्मद फरमान का मामला अब कानूनी और सामाजिक विवाद का केंद्र बन गया है। उम्र को लेकर उठे सवाल, प्रेग्नेंसी का दावा और अलग-अलग राज्यों की पुलिस व अदालतों की भूमिका ने इस पूरे प्रकरण को जटिल बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में मध्य प्रदेश पुलिस की टीम कोच्चि पहुंची, लेकिन बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा।
कोच्चि पहुंची पुलिस टीम लौटी खाली हाथ
मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने की पांच सदस्यीय पुलिस टीम, जिसमें एक महिला सब-इंस्पेक्टर भी शामिल थीं, मोनालिसा और फरमान को हिरासत में लेने के लिए केरलम के कोच्चि पहुंची थी। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद पुलिस को कार्रवाई करने में कानूनी और मानवीय दोनों तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ा। बताया गया कि फरमान ने पुलिस को जानकारी दी कि मोनालिसा गर्भवती है और इस स्थिति में वह न तो यात्रा कर सकती है और न ही तत्काल पूछताछ के लिए प्रस्तुत हो सकती है। इस आधार पर और अदालत के आदेशों को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम को फिलहाल वापस लौटना पड़ा। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी रहेगी।
उम्र को लेकर विवाद की शुरुआत
इस पूरे मामले की जड़ मोनालिसा की उम्र को लेकर उठे विवाद में है। लड़की के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि मोनालिसा की उम्र केवल 16 साल है। इसी आधार पर उन्होंने अपनी बेटी के साथ धोखे और अपहरण का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की प्रारंभिक जांच में भी मोनालिसा को नाबालिग बताया गया है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट, अपहरण और SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
मोनालिसा का दावा: बालिग और सहमति से शादी
दूसरी ओर, मोनालिसा इन सभी आरोपों को खारिज कर रही है। उसका कहना है कि वह 18 वर्ष की हो चुकी है और उसने अपनी मर्जी से फरमान से शादी की है। उसने दावा किया कि दोनों ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में विवाह किया। मोनालिसा का कहना है कि वह किसी दबाव में नहीं है और अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसका यह भी आरोप है कि उसके परिवार द्वारा उसे जबरन अलग करने की कोशिश की जा रही है।
केरल हाई कोर्ट से फरमान को राहत
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब केरल हाई कोर्ट ने मोहम्मद फरमान को अंतरिम राहत दी। अदालत ने उसके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर 20 मई तक रोक लगा दी है। इस आदेश के चलते मध्य प्रदेश पुलिस को कोच्चि में मौजूद होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई करने से रोका गया। यह कानूनी संरक्षण फिलहाल फरमान और मोनालिसा दोनों के लिए राहत का कारण बना हुआ है, लेकिन मामले का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
सुरक्षा की मांग और आरोप-प्रत्यारोप
जैसे ही पुलिस टीम कोच्चि पहुंची, मोनालिसा ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कोच्चि पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की। उसने आशंका जताई कि उसे जबरन मध्य प्रदेश ले जाने की कोशिश की जा सकती है। उसने यह भी कहा कि वह केरल में अपने पति के साथ सुरक्षित महसूस करती है और यहीं रहना चाहती है। यह पहलू मामले को और संवेदनशील बना देता है, क्योंकि इसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी प्रक्रिया दोनों का टकराव दिखाई देता है।
फरमान के दोस्त की तलाश जारी
पुलिस की जांच केवल इस जोड़े तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, फरमान के एक दोस्त जोशुआ की भी तलाश की जा रही है। आरोप है कि उसने इस जोड़े को केरल में ठहरने, छिपने और शादी की व्यवस्था करने में मदद की। फिलहाल जोशुआ पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस मान रही है कि उससे पूछताछ के बाद मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच के कई पहलू बाकी
यह मामला अब कई कानूनी पहलुओं में उलझ चुका है- उम्र की पुष्टि, विवाह की वैधता, सहमति का प्रश्न और लगाए गए आरोपों की सच्चाई। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आने वाले दिनों में मेडिकल रिपोर्ट, दस्तावेजी साक्ष्य और अदालत के फैसले इस मामले की दिशा तय करेंगे। फिलहाल यह मामला न केवल कानून, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक संवेदनशील और बहुस्तरीय विवाद बन चुका है।


