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2018 केरल बाढ़ से जुड़ा कथित 'ऑडियो' क्राइम ब्रांच की जांच के दायरे में

केरल सरकार ने मंगलवार को एक विवादित ऑडियो क्लिप की क्राइम ब्रांच से जांच के आदेश दिए। इस क्लिप में कथित तौर पर पूर्व बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी की आवाज है

2018 केरल बाढ़ से जुड़ा कथित ऑडियो क्राइम ब्रांच की जांच के दायरे में
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तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने मंगलवार को एक विवादित ऑडियो क्लिप की क्राइम ब्रांच से जांच के आदेश दिए। इस क्लिप में कथित तौर पर पूर्व बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी की आवाज है, जिसमें पिनाराई विजयन के कार्यकाल के दौरान 2018 में आई विनाशकारी बाढ़ को कथित तौर पर एक आपराधिक साजिश और मानवीय हस्तक्षेप का नतीजा बताया गया है।

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर जांच के आदेश दिए। शिकायतकर्ता ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की सच्चाई और उसमें लगाए गए गंभीर आरोपों की पूरी जांच की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने केरल सरकार से टेप की सच्चाई का पता लगाने और सच को जनता के सामने लाने का आग्रह किया।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस ऑडियो क्लिप ने राजनीतिक हलचल मचा दी थी। कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनाडन ने आरोप लगाया था कि 2018 की बाढ़ इंसानों की वजह से आई थी और तत्कालीन सिंचाई विभाग पर आरोप लगाया कि उसने एक निजी ठेकेदार के व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए जानबूझकर थोट्टापल्ली स्पिलवे खोलने में देरी की।

कुझलनाडन ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की, जिसमें कृष्णनकुट्टी की आवाज होने का दावा किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इससे पता चलता है कि विभागीय अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्पिलवे लगभग एक महीने तक बंद रहा, क्योंकि इसे खोलने से एक निजी फर्म को ठेके पर दी गई कीमती खनिज रेत जमा बह जाती।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि देरी के कारण चेंगन्नूर सहित निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई, जबकि इससे निजी हितों को फायदा हुआ।

ऑडियो में बांध प्रबंधन में अनियमितताओं और कथित तौर पर वित्तीय कारणों से प्रभावित फैसलों का भी जिक्र है।

इन आरोपों ने तत्कालीन सत्ताधारी एलडीएफ सरकार की सहयोगी पार्टी जेडीएस के भीतर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को फिर से हवा दे दी थी।

यह विवाद पूर्व सिंचाई मंत्री मैथ्यू टी. थॉमस के इर्द-गिर्द घूमता था, जिन्होंने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि आईआईटी मद्रास सहित विशेषज्ञों के अध्ययन से पहले ही यह साबित हो चुका है कि बाढ़ का प्रबंधन सही तरीके से किया गया था।

उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनाव प्रचार के समय के हिसाब से लगाया गया बताया था।

वहीं, कृष्णनकुट्टी ने ऑडियो की सच्चाई पर सवाल उठाए और कहा कि यह एआई से बनाई गई कोई मनगढ़ंत चीज हो सकती है।

कृष्णनकुट्टी ने कहा था कि आगे की कार्रवाई पर फैसला करने से पहले वह अपनी कानूनी टीम से सलाह लेंगे।

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान इस विवाद ने राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया।

पांच बार विधायक रहे मैथ्यू टी. थॉमस तिरुवल्ला सीट हार गए और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कृष्णनकुट्टी ने चुनाव नहीं लड़ा।

अब जब क्राइम ब्रांच को रिकॉर्डिंग की सच्चाई और उससे जुड़े आरोपों की जांच का काम सौंपा गया है तो उम्मीद है कि जांच में ऑडियो की फोरेंसिक जांच और 2018 की बाढ़ के प्रबंधन से जुड़े दावों की पड़ताल शामिल होगी। यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी और पूरे केरल में लाखों लोग विस्थापित हो गए थे।


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