केजरीवाल ने कोरोना योद्धा के परिवार को सौंपा एक करोड़ रुपए का चेक
दिल्ली के एक शिक्षक व स्वर्गीय कोरोना योद्धा शिवजी मिश्रा के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि दी गई है

नई दिल्ली। दिल्ली के एक शिक्षक व स्वर्गीय कोरोना योद्धा शिवजी मिश्रा के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि दी गई है। स्वर्गीय शिवजी मिश्रा कल्याणवास स्थित आरएसबीवी में शिक्षक थे। कोरोना काल के दौरान उनकी ड्यूटी लगी। उसी दौरान वह कोरोना संक्रमित हो गए थे और कोरोना से उनकी मौत हो गई। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक लोगों की सेवा की।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कोरोना योद्धा शिवजी के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की तरफ से उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को बातचीत कर ढांढस भी बढ़ाया और भविष्य में जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्वर्गीय शिवजी मिश्रा हमारे दिल्ली सरकार के स्कूल में शिक्षक थे। वह बहुत ही मेहनती और कर्मठ शिक्षक थे।
सीएम ने कहा कि उनकी मृत्यु की वजह से उनके परिवार पर जो गुजर रही है, उसे मैं समझ सकता हूं। हम उनकी कमी को तो पूरा नहीं कर सकते हैं। मैंने दिल्ली सरकार की तरफ से उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया है। वह अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा अभी नौकरी की तैयारी कर रहा है। हम दिल्ली सरकार में उनको नौकरी देंगे। परिवार को कभी भी मदद की जरूरत होगी, हम मदद करने का प्रयास करेंगे। परिवार अपने आपको अकेला न समझे। सरकार हमेशा उनके साथ है।
मूलरूप से दिल्ली के रहने वाले शिवजी मिश्रा पेशे से शिक्षक थे। वह कल्याणवास स्थित आरएसबीवी में बातौर टीजीटी (अंग्रेजी) तैनात थे। इस स्कूल में प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग, उनकी आवाजाही, उन्हें भोजन उपलब्ध कराने और अस्थाई ठहरने (रात्रिभोज) की व्यवस्था की गई थी। शिवजी मिश्रा ने भी स्कूल में कोविड-19 ड्यूटी के तहत काम किया। ड्यूटी के दौरान वे कोरोना से संक्रमित हो गए।
तबियत बिगड़ने पर उन्हें 04 जून 2020 को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोविड के चलते 07 जून 2020 को उनका निधन हो गया। वह 1999 से शिक्षण कार्य कर रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी सरोज मिश्रा, बड़ा बेटा पीयूष कुमार और छोटा बेटा आयुष कुमार हैं। पत्नी गृहिणी हैं। बड़ा बेटा जॉब की तैयारी कर रहा है और छोटा बेटा बारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है।


