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कडक़ड़ाती ठंड में उजाड़े आशियाने, परिवार और बच्चे बेघर

कोरबा-दीपका ! पुनर्वास गाँव गंगानगर में बसाहट के तहत मिले अपने नाना की जमीन पर छोटी सी कच्ची झोपड़ी बनाकर अपने तीन मासूम बच्चियों के साथ रह रही दलित महिला गयाबाई चौहान

कडक़ड़ाती ठंड में उजाड़े आशियाने, परिवार और बच्चे बेघर
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एसईसीएल अधिकारियों के रवैय्ये से आक्रोश
कोरबा-दीपका ! पुनर्वास गाँव गंगानगर में बसाहट के तहत मिले अपने नाना की जमीन पर छोटी सी कच्ची झोपड़ी बनाकर अपने तीन मासूम बच्चियों के साथ रह रही दलित महिला गयाबाई चौहान की झोपड़ी सहित करीब 140 मकानों को एसईसीएल गेवरा परियोजना के अधिकारियों ने बुलडोजर चलवाकर परिवारों को कडक़ड़ाती ठंड में बेघर कर दिया। एसईसीएल के इस रवैय्ये से स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित ग्राम घाटमुड़ा के 75 परिवारों को गंगानगर में विस्थापित किया गया था। धीरे-धीरे गंगानगर क्षेत्र में विस्थापित 75 परिवारों के अलावा अन्य लोगों ने भी बेजा कब्जा कर मकान बना लिया था। यहां लगभग 140 मकान बन गए थे। चूंकि एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित ग्राम भठोरा के ग्रामीणों को गंगानगर में विस्थापित किया जाना है जिसे लेकर प्रशासन द्वारा क्षेत्र के बेजा कब्जाधारियों को कब्जा हटाने नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद कटघोरा एसडीएम विरेन्द्र बहादुर पंचभाई व तहसीलदार अमित बेक द्वारा भी गांव की भूमि का नापजोख किया गया था। जिसके बाद आज गंगानगर में प्रशासन व एसईसीएल की संयुक्त टीम द्वारा बेजा कब्जा हटाने अभियान शुरू कर कई मकानों को ढहा दिया।
इसकी चपेट में एक ऐसी महिला गया बाई चौहान भी आई है जिसका पति मजदूरी के लिए पलायन कर कहीं और गया हुआ है और महिला घर में अपने तीन बच्चियों के साथ अकेले रह रही थी। उसके सहित दूसरे प्रभावितों को भी उनके घर में रखे कपड़े सहित राशन के सामान को निकालने की चेतावनी दिये बिना ही झोपड़ी पर बुलडोजर चलवा दिया। प्रभावित परिवारों और उनके बच्चों के पास रहने, खाने, पहनने, ओढऩे, बिछाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है। पीडि़त महिला व् अन्य प्रभावित कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्या बताने के लिए मुख्यालय पहुुंचे किन्तु जिला कार्यालय में एक भी अधिकारी मौजूद नहीं रहने से मजबूरी में अधीक्षक को ज्ञापन गया। ज्ञापन में मांग की गयी है कि इस तरह से मकानों की तोडफ़ोड़ पर रोक लगायी जाये।
गया बाई चौहान सहित प्रभावित ग्रामीणों के तोड़े गए मकान के बदले दूसरे मकान का निर्माण कराया जाए। गया बाई के लिए तत्काल में रहने-खाने की व्यवस्था की जाये। ग्रामीणों ने बताया कि विगत दिनों राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में गंगानगर के ग्रामीणों को कहा गया था कि मकानों को तोड़ा नहीं जायेगा और अतिरिक्त हिस्से का समतलीकरण कराया जाएगा, किन्तु आज हुए तोडफ़ोड़ कार्यवाही में कई मकान और मकान के सामने बने बाउंड्री को तोड़ दिया गया। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने जन कुंवर, बचन कंवर, संतरा बाई, तीज कुंवर, चमारिन बाई, रूसा बाई, राधा बाई, पुष्पा बाई, चन्दन बाई, गया बाई, कंचन बाई, यशोदा बाई आदि महिलाएं पहुंची थीं।
प्रशासन करे हस्तक्षेप-माकपा
गंगानगर में एसईसीएल द्वारा की गयी तोडफ़ोड की कार्यवाही को अमानवीय करार देते हुए माकपा ने तीखी निंदा की है। एसईसीएल प्रबन्धन पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तोडफ़ोड़ पर रोक लगाने की मांग करते हुए माकपा ने कहा है अगर प्रशासन के द्वारा उचित हस्तक्षेप कर प्रभावितों को न्याय प्रदान नहीं किया जाता है तो इस मुद्दे को लेकर आगे की लड़ाई लड़ेगी।


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