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​​​​​​​कश्मीर की आर्थिक स्वायत्तता जीएसटी से  प्रभावित हाेगी : कांग्रेस

  कांग्रेस ने आजादी के बाद सबसे बड़े कर सुधार जीएसटी को जम्मू-कश्मीर तक विस्तारित करने के सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किये

​​​​​​​कश्मीर की आर्थिक स्वायत्तता जीएसटी से  प्रभावित हाेगी : कांग्रेस
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नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आजादी के बाद सबसे बड़े कर सुधार ‘वस्तु एवं सेवा कर’ (जीएसटी) को जम्मू-कश्मीर तक विस्तारित करने के सरकार के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए आज कहा कि इससे राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिला विशेष दर्जा और आर्थिक स्वायत्तता प्रभावित होगी।

कांग्रेस के सदस्यों- अधीर रंजन चौधरी एवं शशि थरूर- ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जम्मू-कश्मीर तक विस्तार) विधेयक 2017 एवं एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (जम्मू-कश्मीर तक विस्तार) विधेयक 2017 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सरकार के इस फैसले को राज्य की आर्थिक आजादी पर कुठाराघात करार दिया। चर्चा की शुरुआत करते हुए चाैधरी ने जहां इसे अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को मिले विशेष अधिकारों काे प्रभावित करने वाला करार दिया, वहीं थरूर ने सरकार को आगाह किया कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी।

थरूर ने कहा कि सरकार जीएसटी को भले ही ‘एक राष्ट्र एक कर’ और ‘अच्छा और साधारण कर’ की संज्ञा दे, लेकिन इसके तहत तीन प्रकार के कर प्रावधानों और छह टैक्स स्लैब को देखते हुए इसे ‘एक राष्ट्र, तीन टैक्स, छह स्लैब’ कहा जाना ज्यादा उपयुक्त होगा।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर संवेदनशील राज्य है और आतंकवाद के कारण इसकी अर्थव्यवस्था चौपट होती रही है, पर्यटन कारोबार बाधित हुए हैं, ऐसी स्थिति में राज्य को प्राप्त विशेष अधिकारों में किसी तरह की कटौती करना या जीएसटी थोपना ‘कर आतंकवाद’ की श्रेणी में आयेगा।

चौधरी ने चर्चा की शुरुआत में कहा था कि जम्मू कश्मीर में सीजीएसटी और एसजीएसटी के चलते राज्य का विशेष दर्जा प्रभावित होगा और आर्थिक स्वायत्तता गड़बड़ा जाएगी।


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