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झारखंड की महिला की बेंगलुरु में मौत: पुलिस की जांच में डिप्रेशन के संकेत मिले

झारखंड की 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पूजा दत्ता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है

झारखंड की महिला की बेंगलुरु में मौत: पुलिस की जांच में डिप्रेशन के संकेत मिले
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बेंगलुरु। झारखंड की 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पूजा दत्ता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। उनका अर्ध-सड़ा हुआ शव बेंगलुरु के अडुगोडी स्थित उनके किराए के मकान में मिला था। पुलिस ने बुधवार को बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह गंभीर अवसाद से पीड़ित थीं और उन्होंने अपने परिवार से संपर्क तोड़ लिया था।

जांच में पता चला है कि पूजा दत्ता एक निजी कंपनी में काम करती थीं; उन्होंने एक साल पहले नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। तब से उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था।

बाद में उसने अपना सिम कार्ड बदल लिया और एक नया नंबर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि पिछले एक साल से उसका अपने परिवार या दोस्तों से कोई संपर्क नहीं था। उसके नए सिम कार्ड की वैधता भी तीन महीने पहले समाप्त हो गई थी।

पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने उसे पिछले तीन महीनों से नहीं देखा था। उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को दीवारों पर लिखे हुए नोट और लेख मिले, जिससे जांचकर्ताओं को यह विश्वास हुआ कि वह गंभीर अवसाद से पीड़ित थी।

साथ ही, पुलिस उस युवक की संलिप्तता की भी जांच कर रही है जो अक्सर उसके घर आता-जाता था।

उसने अपने घर की दीवारों पर जगह-जगह स्टिकी नोट्स चिपका रखे थे। उन पर्चियों पर उसने 'अकेलापन', 'प्यार', 'भरोसा', 'संतुष्टि', 'शांति' और 'अहंकार' जैसे शब्द लिखे थे।

हालांकि, जांच अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह पता चले कि उसकी हत्या की गई थी। पुलिस उसकी मौत के कारणों में असफल रिश्ते या पारिवारिक समस्याओं की संभावना की भी जांच कर रही है।

वे तकनीकी सबूत जुटा रहे हैं और पिछले एक साल के उसके कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहे हैं।

इस बीच, पूजा दत्ता के परिवारवाले बेंगलुरु पहुंच गए हैं और उन्होंने पुष्टि की है कि नौकरी छूटने के बाद से उनका उनसे कोई संपर्क नहीं था।

उन्होंने यह भी बताया कि कोविड महामारी के दौरान पूजा के पति का निधन हो गया था और तब से उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पूजा का शव उनके पैतृक स्थान पर नहीं ले जाएंगे क्योंकि उनकी मां अस्वस्थ हैं और इसके बजाय बेंगलुरु में ही अंतिम संस्कार करेंगे।

बता दें कि यह घटना सोमवार रात को सामने आई थी।


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