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जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल में पोर्न वीडियो मिले: पूर्व PM का पोता रेप केस में बेंगलुरु जेल में उम्रकैद काट रहा

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ मामला अप्रैल 2024 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब उनके परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने FIR दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ कई बार यौन अपराध किया गया।

जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल में पोर्न वीडियो मिले: पूर्व PM का पोता रेप केस में बेंगलुरु जेल में उम्रकैद काट रहा
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बेंगलुरु: परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। शनिवार को मोबाइल फोन और अन्य जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच में फोन में पोर्न वीडियो और पेन ड्राइव में वेब सीरीज से जुड़ी फाइलें मिलने की बात सामने आई। जेल में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल ने सुरक्षा व्यवस्था और जेल के भीतर मोबाइल की कथित अवैध सप्लाई को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) के विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। वह एक महिला से बलात्कार के मामले में दोषसिद्धि के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

छापेमारी में मोबाइल, चार्जर और पेन ड्राइव बरामद

क्राइम ब्रांच ने 11 अगस्त को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कार्रवाई की थी। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना को अपनी कोठरी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई। जांच टीम ने मौके से मोबाइल फोन के अलावा चार्जर, पेन ड्राइव और एक नोटबुक भी जब्त की थी। इसके बाद इन उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। शनिवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, जांच में मोबाइल और पेन ड्राइव में डिजिटल सामग्री मौजूद होने का पता चला है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और इन्हें जेल के भीतर कैसे पहुंचाया गया।

जेल में मोबाइल की कथित ब्लैक मार्केट ने बढ़ाई चिंता

इस मामले ने परप्पना अग्रहारा जेल के भीतर मोबाइल फोन की कथित अवैध खरीद-बिक्री का मुद्दा भी सामने ला दिया है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, बाहर करीब 10 हजार रुपये में मिलने वाला मोबाइल फोन जेल के अंदर कथित तौर पर 75 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक में बेचा जाता था। पुलिस को आशंका है कि जेल के कुछ कर्मचारियों की मदद से मोबाइल फोन अंदर पहुंचाए गए होंगे। पिछले करीब आठ महीनों में जेल से 300 से ज्यादा मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी भी अधिकारियों की ओर से सामने आई है। इससे जेल में प्रतिबंधित सामान की सप्लाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुरानी तकनीक वाला जैमर भी जांच के घेरे में

जेल में मोबाइल इस्तेमाल को रोकने के लिए लगाए गए जैमर की तकनीकी क्षमता को लेकर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जेल में करीब 15 साल पुराना 2G तकनीक वाला जैमर सिस्टम मौजूद है, जबकि बाहर मोबाइल नेटवर्क 5G तकनीक तक पहुंच चुका है। जेल अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीकी अंतर का फायदा उठाकर कैदी मोबाइल फोन और डेटा सेवाओं का इस्तेमाल कर पा रहे थे। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने प्रतिबंधित मोबाइल की बरामदगी के साथ-साथ तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती भी है।

SIM कार्ड की सप्लाई को लेकर भी जांच

जांच में बरामद कई SIM कार्ड के आंध्र प्रदेश में एक्टिवेट होने का पैटर्न सामने आने की बात कही गई है। पुलिस इस कड़ी के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जेल के भीतर मोबाइल और SIM कार्ड पहुंचाने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है। एक मामले में SIM कार्ड को छिपाकर जेल के भीतर पहुंचाने का आरोप भी सामने आया है। हालांकि इस तरह के मामलों में पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।

प्रज्वल तक मोबाइल पहुंचाने के आरोप में 9 गिरफ्तार

जेल में मोबाइल फोन और SIM कार्ड पहुंचाने के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने शुक्रवार को नौ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, जांच में कुछ मोबाइल फोन जेल वार्डर के जरिए अंदर पहुंचाए जाने और SIM कार्ड को एक विचाराधीन कैदी के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात सामने आई। एक अन्य मामले में जेल वार्डर श्रीनिवास नाइक पर करीब 12 मोबाइल फोन अवैध तरीके से जेल के भीतर पहुंचाने का आरोप है। तीसरे मामले में चीफ वार्डन विजय कुमार की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

प्रज्वल पर 2024 में सामने आए थे गंभीर आरोप

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ मामला अप्रैल 2024 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब उनके परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने FIR दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ कई बार यौन अपराध किया गया और कथित तौर पर उसे घटना की जानकारी सार्वजनिक करने पर वीडियो लीक करने की धमकी दी गई। इसके बाद प्रज्वल के खिलाफ जांच शुरू हुई और उनसे जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चित हो गया। उस समय प्रज्वल हासन लोकसभा सीट से JDS उम्मीदवार थे। आरोप सामने आने के बाद वह विदेश चले गए थे और 31 मई 2024 को जर्मनी से भारत लौटने पर बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए।

जेल में नियम तोड़ने पर हो सकती है अतिरिक्त कार्रवाई

जेल में मोबाइल फोन, पेन ड्राइव या अन्य प्रतिबंधित वस्तु रखना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में कैदी की जेल सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, उसे अलग सेल में रखा जा सकता है और परिस्थितियों के आधार पर उसके खिलाफ अलग आपराधिक मामला भी दर्ज हो सकता है। प्रज्वल रेवन्ना के मामले में अब जांच का फोकस सिर्फ जब्त उपकरणों तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि जेल के भीतर मोबाइल फोन और SIM कार्ड की सप्लाई का नेटवर्क कैसे काम करता था और इसमें जेल कर्मचारियों या अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।


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