Top
Begin typing your search above and press return to search.

कर्नाटक कैबिनेट में एसआईआर पर चर्चा नहीं, सोने के दुरुपयोग मामले में कार्रवाई शुरू: गृह मंत्री परमेश्वर

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर अभी तक कैबिनेट में कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है, हालांकि इसके संभावित प्रभाव और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अनौपचारिक बातचीत हो सकती है।

कर्नाटक कैबिनेट में एसआईआर पर चर्चा नहीं, सोने के दुरुपयोग मामले में कार्रवाई शुरू: गृह मंत्री परमेश्वर
X

बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर अभी तक कैबिनेट में कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है, हालांकि इसके संभावित प्रभाव और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अनौपचारिक बातचीत हो सकती है।

पत्रकारों से बातचीत में परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले ही एसआईआर मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है।

उन्होंने कहा, “पांच राज्यों के चुनावों से पहले एसआईआर को लेकर चर्चाएं फिर शुरू हुई हैं। खासकर पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि एसआईआर को लेकर हमारी चिंताएं सही साबित हो सकती हैं। यहां भी एहतियात के तौर पर चर्चा हो सकती है, लेकिन आधिकारिक एजेंडे में इसका कोई उल्लेख नहीं है।”

50 आपराधिक मामलों को वापस लेने संबंधी सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि किसी औपचारिक निर्णय से पहले ऐसे मामलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा, “कैबिनेट के भीतर मामलों की वापसी पर विचार करने के लिए एक उप-समिति है। समिति अपनी सिफारिशें देगी, जिसके बाद कैबिनेट फैसला लेगी। मंजूरी मिलने के बाद मामला अभियोजन विभाग को भेजा जाएगा।”

कर्नाटक पुलिसकर्मियों पर बरामद 700 ग्राम सोने के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर परमेश्वर ने कहा कि मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा, “जब भी विभाग के भीतर ऐसी घटनाएं होती हैं तो संबंधित कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए जाते हैं। आरोप साबित होने पर मामले की गंभीरता के अनुसार सजा या बर्खास्तगी की सिफारिश की जाएगी।”

गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि पुलिसकर्मी बार-बार ऐसे मामलों में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं बार-बार नहीं होतीं। कभी-कभार ही सामने आती हैं और जब भी मामला उजागर होता है, सख्त कार्रवाई की जाती है।”

परमेश्वर ने कहा कि वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से रियल एस्टेट जैसे कारोबार से दूर रहने की सलाह देते हैं।

उन्होंने कहा, “पुलिस सम्मेलनों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में मैं विशेष रूप से उन्हें रियल एस्टेट और इसी तरह की गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश देता हूं। कभी-कभी कोई व्यक्ति ऐसा काम कर सकता है, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।”

बिदादी टाउनशिप परियोजना पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह कोई नई योजना नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लंबित परियोजना है।

उन्होंने कहा, “जब एनआईसीई रोड परियोजना विकसित की गई थी, तब बेंगलुरु पर दबाव कम करने के लिए तीन से चार टाउनशिप बसाने की योजना बनाई गई थी।”

उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप प्रस्ताव रखा था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को वर्ष 2006 में ही अधिसूचित किया गया था। उन्होंने कहा, “यह न तो नई परियोजना है और न ही किसी दुरुपयोग के लिए बनाई गई है। किसानों को समझाया जाएगा और सरकार के फैसले को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।”


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it