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कर्नाटक हाईकोर्ट में भाजपा नेता हत्याकांड मामले की अपील पर सुनवाई, सीबीआई को नोटिस जारी

कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भाजपा नेता हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी द्वारा विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है

कर्नाटक हाईकोर्ट में भाजपा नेता हत्याकांड मामले की अपील पर सुनवाई, सीबीआई को नोटिस जारी
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बेंगलुरु। कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भाजपा नेता हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी द्वारा विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने ही इस मामले की जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी।

न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज और न्यायमूर्ति वेंकटेश टी. नाइक की खंडपीठ ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को भी निर्देश दिया कि वह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज निचली अदालत से मंगवाए।

विनय कुलकर्णी के साथ-साथ आरोपी नंबर 16 चंद्रशेखर इंदी उर्फ चंदू मामा ने भी फैसले के खिलाफ अपील दायर की है।

विनय कुलकर्णी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी.वी. नागेश ने दलील दी कि मामले के सभी सात गवाह मुकर चुके हैं। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अदालत की छुट्टियां नजदीक होने के कारण मामले की सुनवाई वेकेशन बेंच में कराई जाए। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए कहा कि याचिका वेकेशन बेंच के समक्ष दायर की जाए और याचिकाकर्ता की सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस बीच, अभियोजन पक्ष ने अपील याचिका पर आपत्ति दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। याचिका में विशेष अदालत के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फैसला 680 पन्नों का है, इसलिए विस्तृत अध्ययन के बाद ही जवाब दाखिल किया जा सकेगा।

अदालत ने कहा कि चूंकि अपील पहली बार सुनवाई के लिए आई है, इसलिए इस मामले में सीबीआई का पक्ष भी सुना जाना जरूरी है।

एक अन्य घटनाक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता और मामले के व्हिसलब्लोअर बसवराज कोरावर ने कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर विनय कुलकर्णी को विधायक पद से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

अपने पत्र में कोरावर ने कहा कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत ने 17 अप्रैल को कुलकर्णी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद आदेश के दस दिन बाद भी उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की मांग की।

गौरतलब है कि भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ शहर स्थित उनके जिम में हमलावरों के एक समूह ने हत्या कर दी थी। योगेश गौड़ा ने राजनीतिक रूप से कुलकर्णी को चुनौती दी थी, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया था।

विनय कुलकर्णी को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया गया था और 2021 में जमानत मिली थी। उन पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगा, जिसके बाद सीबीआई ने जमानत रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने सीबीआई की दलील स्वीकार करते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

इसके बाद कुलकर्णी, जो वर्तमान में कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के अध्यक्ष हैं, ने अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। बाद में दोषसिद्धि से पहले उन्हें दोबारा जमानत मिल गई थी। फिलहाल वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं।

विनय कुलकर्णी को इस मामले में आरोपी नंबर 15 बनाया गया था। यह मामला भाजपा सरकार ने सीबीआई को सौंपा था। आरोप सामने आने के समय कुलकर्णी मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री थे।


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