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कर्नाटक सरकार सामाजिक-आर्थिक सर्वे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री शिवकुमार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में सामाजिक-आर्थिक सर्वे कराया है और सरकार इसे लागू कर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कर्नाटक सरकार सामाजिक-आर्थिक सर्वे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री शिवकुमार
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बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में सामाजिक-आर्थिक सर्वे कराया है और सरकार इसे लागू कर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बेंगलुरु के ज्ञान ज्योति ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के 11वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।

उनके इस बयान से कर्नाटक में जाति जनगणना का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ सकता है।

शिवकुमार ने कहा, "हम सभी के लिए समान जीवन और हिस्सेदारी के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहे हैं। समानता को लेकर चर्चा ब्रिटिश शासन के समय भी होती थी। इसी वजह से वर्ष 1931 के आसपास जाति जनगणना कराई गई थी। हमारे नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी जाति जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलने चाहिए। आज संविधान के जरिए हर समुदाय को अधिकार दिए गए हैं। कर्नाटक में पिछड़ा वर्ग विभाग अलग से काम करता है और इसके लिए धन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार पिछड़े वर्गों की आवाज सुन रही है। राज्य मंत्रिमंडल में दो-तिहाई मंत्री पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "मैसूर के शासक नलवाड़ी कृष्णराज वोडेयार के समय ओबीसी आरक्षण दिया गया था। यह कर्नाटक का इतिहास है। देश में पिछड़ा वर्ग लगभग 52 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। आपने अपनी कला, ज्ञान और मेहनत से देश का निर्माण किया है। आप ही देश के असल निर्माता हैं। हम आपकी मांगों से पूरी तरह परिचित हैं।"

उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में भी आरक्षण दिया जा रहा है। 73वें और 74वें संविधान संशोधन के समय उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से पूछा था कि इन संशोधनों की जरूरत क्यों है। इस पर राजीव गांधी ने कहा था कि पंचायत से लेकर संसद तक नेतृत्व तैयार होना चाहिए।

शिवकुमार ने कहा, "राजीव गांधी का मानना था कि सच्चा नेता वही है जो दूसरे नेताओं को तैयार करे। उनकी इच्छा थी कि समाज के हर वर्ग के लोग नेतृत्व की भूमिका में आएं। इस देश में जाति जनगणना जरूरी है और केंद्र सरकार ने भी घर-घर जाकर जनगणना की प्रक्रिया शुरू की है। जाति जनगणना के जरिए समाज में मौजूद असमानताओं को कम किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि बाबनराव के नेतृत्व में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए काम कर रहा है। राज्य सरकार लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा, बसवन्ना के सिद्धांतों और राष्ट्रहित के प्रति सरकार पूरी तरह समर्पित है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पूरे देश में यह संदेश पहुंचना चाहिए कि कर्नाटक में ऐसी सरकार है जो पिछड़े वर्गों की आवाज सुनती है। अगर आप राष्ट्रीय स्तर पर अपने हितों की रक्षा चाहते हैं, तो आपको हमारी पार्टी के साथ खड़ा होना होगा। देश को आजादी दिलाने वाली कांग्रेस ही सभी वर्गों को साथ लेकर चल सकती है। जब सोनिया गांधी के पास प्रधानमंत्री बनने का अवसर आया तो उन्होंने देशहित में अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया।"

शिवकुमार ने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शिक्षा सुधार, खाद्य सुरक्षा कानून और रोजगार गारंटी जैसी योजनाएं लागू की गईं। सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी बदलाव कांग्रेस सरकारों ने ही किए हैं। उन्होंने ओबीसी महासंघ की मांगों को समर्थन देने और कांग्रेस का साथ देने की अपील भी की।


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