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कर्नाटक में सियासी हलचल के बीच कांग्रेस हाईकमान की बैठक, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दी जानकारी

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार चल रही अटकलों और कैबिनेट फेरबदल की खबरों के बीच रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक दिन पहले हुई हाईकमान के साथ बैठक की जानकारी दी

कर्नाटक में सियासी हलचल के बीच कांग्रेस हाईकमान की बैठक, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दी जानकारी
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बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार चल रही अटकलों और कैबिनेट फेरबदल की खबरों के बीच बुधवार को रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक दिन पहले हुई हाईकमान के साथ बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले चुनावों को लेकर पार्टी काफी गंभीर है और इसी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है।

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में एक बड़ी बैठक हुई। इसके अलावा पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल भी इस पूरी चर्चा में शामिल थे। इस बैठक में मुख्य तौर पर दो बड़े चुनावों को लेकर बात हुई। राज्यसभा की चार सीटों और विधान परिषद की सात सीटों के चुनाव पर चर्चा हुई, जो 18 जून को होने वाले हैं।

उन्होंन बताया कि बैठक में अलग-अलग संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया। किसे टिकट दिया जाए, कौन पार्टी का बेहतर प्रतिनिधित्व कर सकता है और किस तरह से पार्टी और राज्य दोनों के हित में फैसला लिया जाए, इन सभी बातों पर विस्तार से मंथन हुआ। कई तरह के पैनल और नामों की सूची भी सामने रखी गई, ताकि हर विकल्प पर चर्चा हो सके।

सुरजेवाला ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की तरफ से अभी कुछ और सुझाव आने बाकी हैं। फैसला अभी फाइनल नहीं हुआ है। अगले एक-दो दिनों तक दोनों नेताओं के साथ-साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों से भी चर्चा जारी रहेगी। पार्टी चाहती है कि सभी बड़े नेताओं की राय लेकर ही अंतिम उम्मीदवारों का चयन किया जाए, ताकि किसी तरह का विवाद या असंतोष न रहे।

उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यही है कि जो भी लोग राज्यसभा और परिषद में जाएं, वे पार्टी के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व कर सकें और राज्य के मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा सकें। साथ ही यह भी कोशिश है कि राजनीतिक हालात को ध्यान में रखते हुए सबसे संतुलित और प्रभावी टीम तैयार की जाए।


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