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13 से 20 अप्रैल तक मनाई जाएगी अंबेडकर जयंती : कर्नाटक भाजपा

भाजपा की कर्नाटक इकाई ने संविधान निर्माता भारत रत्न बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 13 से 20 अप्रैल तक पूरे राज्य में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की घोषणा की है

13 से 20 अप्रैल तक मनाई जाएगी अंबेडकर जयंती : कर्नाटक भाजपा
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बेंगलुरु। भाजपा की कर्नाटक इकाई ने संविधान निर्माता भारत रत्न बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 13 से 20 अप्रैल तक पूरे राज्य में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की घोषणा की है।

बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बात करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा सांसद गोविंद कारजोल ने कहा कि पार्टी ने पूरे कर्नाटक के सभी जिले और तालुकों में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि अंबेडकर न केवल संविधान के निर्माता थे, बल्कि सामाजिक न्याय के अग्रदूत और समानता के प्रतीक भी थे। कारजोल ने कहा कि अंबेडकर ने कई साल पहले ही एक प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रख दी थी।

राष्ट्रीय स्तर पर की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को 'पंचतीर्थ' के रूप में विकसित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान दिवस मनाना प्रधानमंत्री द्वारा अंबेडकर के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है।

कारजोल ने आगे कहा कि अंबेडकर सामाजिक सद्भाव के समर्थक थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनका ऋणी है और उनके योगदान का सम्मान करना जारी रखना चाहिए।

इस बीच, डॉ. बीआर अंबेडकर जयंती राष्ट्रीय समिति के सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव जगदीश हिरेमानी ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने के लिए 13 से 20 अप्रैल तक पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अंबेडकर की जयंती पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाई जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में एक राष्ट्रीय उत्सव समिति का भी गठन किया गया है।

हिरेमानी ने कहा कि पूरे राज्य में अंबेडकर से जुड़ी मूर्तियों, चौराहों, सड़कों और स्मारकों की साफ-सफाई की जाएगी और शाम को स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उत्सव के हिस्से के तौर पर भीमा दीपोत्सव कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम पूरे राज्य के सभी तालुका और जिला केंद्रों में आयोजित किए जाएंगे। बेंगलुरु में हलसुरु झील के पास अंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा, जबकि पूरे राज्य में इसी तरह के 'भीमा दीपोत्सव' कार्यक्रम होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि सोमवार को लगभग 58 हजार बूथ-स्तरीय समिति के सदस्य बाबासाहेब अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि 15 से 20 अप्रैल तक ज़िला केंद्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, ताकि लोगों को राष्ट्र और समाज के लिए अंबेडकर के योगदान के बारे में जागरूक किया जा सके।

कांग्रेस नेताओं के इस दावे का जवाब देते हुए कि संविधान खतरे में है, हिरेमानी ने कहा कि लोगों को इस बारे में जानकारी दी जाएगी कि कैसे कांग्रेस ने कथित तौर पर अतीत में अंबेडकर का अनादर किया था। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की 'पंचतीर्थ' पहल और संविधान के निर्माता को सम्मानित करने के प्रयासों को उजागर करने के लिए सेमिनार, चर्चाएं, वीडियो और लघु फिल्मों सहित सोशल मीडिया अभियान और पर्चों का वितरण किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए अंबेडकर की विचारधारा को हॉस्टलों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कॉलोनियों, सवर्ण इलाकों और समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जाएगा। अंबेडकर की विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि उनके बनाए संविधान के आधार पर ही पीएम मोदी ने पूरे देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

उन्होंने आगे कहा कि अंबेडकर ने लंबे समय से समानता की वकालत की थी। आज के समय में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही पहलें उनकी इसी सोच को एक सच्ची श्रद्धांजलि हैं।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश सचिव जगदीश हिरेमनी, बागलकोट ज़िला अध्यक्ष शांतगौड़ा पाटिल, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्यालय सचिव प्रशांत कुमार और अनुसूचित जाति मोर्चा के बेंगलुरु सेंट्रल ज़िला अध्यक्ष अन्नैया उपस्थित रहे।


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