Top
Begin typing your search above and press return to search.

कर्नाटक : भाजपा विधायक मुनिरत्‍न ने भूख हड़ताल खत्म की, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के पैर छुए

भाजपा विधायक मुनिरत्‍न नायडू ने बुधवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके भाई कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश के खिलाफ "नफरत की राजनीति" करने और अपने निर्वाचन क्षेत्र को आवंटित धन "वापस लेने" के खिलाफ शुरू की गई भूख हड़ताल खत्‍म कर दी

कर्नाटक : भाजपा विधायक मुनिरत्‍न ने भूख हड़ताल खत्म की, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के पैर छुए
X

बेंगलुरु। भाजपा विधायक मुनिरत्‍न नायडू ने बुधवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके भाई कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश के खिलाफ "नफरत की राजनीति" करने और अपने निर्वाचन क्षेत्र को आवंटित धन "वापस लेने" के खिलाफ शुरू की गई भूख हड़ताल खत्‍म कर दी।

धरना खत्म करने के बाद मुनिरत्‍न एक कार्यक्रम में गए, जहां उपमुख्यमंत्री मौजूद थे। उन्होंने उनके पैर छुए।

मुनिरत्‍न ने शिवकुमार को अपने निर्वाचन क्षेत्र राजा राजेश्‍वरी के लिए धन और विकास कार्यों की एक सूची की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा।

बाद में मुनिरत्‍न ने शिवकुमार से उनके आवास पर मुलाकात भी की और कई मुद्दों पर र्चा की।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने उन्हें भूख आंदोलन खत्म करने और शिवकुमार से मिलने की सलाह दी थी।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि विधायक मुनिरत्‍न ने अगर उनसे मिलने का समय मांगा होता तो वह उन्हें पहले ही समय दे देते।

मीडियाकर्मियों ने जब उनसे पूछा कि मुनिरत्‍न ने आपके पैर छुए तो आपको कैसा लगा, तो शिवकुमार ने चौंकते हुए कहा, "क्या उन्होंने सचमुच मेरे पैर छुए? मैं कोई धार्मिक संत तो नहीं हूं।"

शिवकुमार ने कहा, "मैंने उनसे उन कार्यों की एक सूची देने को कहा है, जिन्हें करने की जरूरत है और आश्‍वासन दिया है कि काम के लिए धन जारी किया जाएगा।"

मुनिरत्‍न अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए धन जारी करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। वह बेंगलुरु के विधान सौध में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बैठे थे।

पूर्व मंत्री के साथ उनके सहयोगी भी थे, जिन्होंने शिवकुमार और सुरेश के खिलाफ भाजपा का झंडा और तख्तियां पकड़ रखी थीं। हालांकि, पुलिस ने मुनिरत्‍न के साथ बैठे उनके 10 से ज्यादा साथियों को हिरासत में ले लिया। मुनिरत्‍न ने फिर भी अनशन जारी रखा और अकेले ही धरना पर बैठे रहे।

विधायक ने आरोप लगाया कि शिवकुमार उनके खिलाफ "व्यक्तिगत प्रतिशोध" ले रहे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए आवंटित 126 करोड़ रुपये राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार ने थोड़ा-थोड़ा विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को बांट दी।

इससे पहले, उन्होंने कहा था कि वह फंड पाने के लिए शिवकुमार के पैर छूने में संकोच नहीं करेंगे, जिनके पास बेंगलुरु विकास मंत्रालय भी है।

येदियुरप्पा ने कहा था कि वह मुनिरत्‍न का समर्थन करेंगे और उनकी मांग के बारेे में कांग्रेस सरकार से बात करेंगे।

उन्‍होंने कहा था, "प्रथम दृष्टया यह नफरत की राजनीति प्रतीत होती है। राजा राजेश्‍वरी नगर निर्वाचन क्षेत्र को किसी भी अन्य निर्वाचन क्षेत्र की तरह धन मिलना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से बात करूंगा। सभी विधायकों को धन मिलना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा आवंटित धन वापस ले लिया है, जो सही नहीं है। मैंने उनसे भूख हड़ताल छोड़ने के लिए कहा था, क्योंकि वह इसे अकेले ही कर रहे थे। हम उनके साथ हैं।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it