खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं झुग्गीवासी : जोशी
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के रामकृष्ण पुरम और मालवीय नगर इलाके की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के रामकृष्ण पुरम और मालवीय नगर इलाके की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। जबकि गांधी जयंती के अवसर पर सभी वार्डों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ-ओपन डेफिकेशन फ्री) इलाका घोषित किया जा चुका है। उक्त बातें सत्तापक्ष की महिला पार्षदों ने स्थायी समिति की बैठक में कहीं। रामकृष्ण पुरम से पार्षद तुलसी जोशी ने सेक्टर 7 में निवेदिता कुंज के सामने स्थित बस्ती में मौजूद सार्वजनिक शौचालयों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रात नौ बजे के बाद शौचालयों पर ताला जड़ दिया जाता है। ऐसे में लोगों को रात के समय शौच के लिए खुले में जाना पड़ रहा है और इस मामले में सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय महिलाओं को हो रही है।
उन्होंने बताया कि बीवीजी समूह दो शिफ्ट में इसकी देखभाल करता है लेकिन तीसरी शिफ्ट के लिए किसी भी कर्मी को तैनात करने से इंकार कर दिया है। वहीं, मालवीय नगर से पार्षद नंदिनी शर्मा ने आरोप लगाए कि निगम अधिकारियों ने मेरे कहने पर कुम्हार बस्ती (हौजरानी) के पीछे स्थित झुग्गी कॉलोनी में बीते 2 अक्टूबर को एमटीवी (मोबाइल टॉयलेट वैन) तो लगा दी लेकिन आज तक इस शौचालय को सीवर से नहीं जोड़ा जा सका है।
जिसके चलते लोग शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं और खुले में शौच कर रहे हैं। इससे खुले में शौच मुक्त दिल्ली का दावा झुठला रहा है।
उधर, स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा अतिरिक्त आयुक्त को निर्देश दिए कि वह रामकृष्ण पुरम इलाके में मौजूद शौचालय की देखरेख के लिए तीसरी शिफ्ट (रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक) में चौकीदार की व्यवस्था करें। इसके लिए स्थानीय बस्ती वासी को वरीयता के साथ तैनात किया जाए और उसे नियमानुसार वेतन भुगतान भी किया जाए। उन्होंने मालवीय नगर इलाके में लगाए गए सचल शौचालय (एमटीवी) को 7 दिन के अंदर सीवर लाइन से जोड़ने के आदेश भी दिए ताकि लोगों को शौच के लिए खुले में न जाना पड़े।


