'कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ कल भी थी, आज भी है', जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद पर राकेश सिन्हा
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और महागठबंधन सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और महागठबंधन सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस हिंदुस्तान के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करती। महागठबंधन सरकार ने जवाबदेही निभाते हुए जेपीएससी मामले की सीआईडी जांच कराई, जिसके परिणामस्वरूप 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई जारी है और जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन से भी घंटों पूछताछ की जा रही है। मामले के हर पहलू पर सीआईडी की पैनी नजर है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जेपीएससी में भ्रष्टाचार की शुरुआत भाजपा के शुरुआती शासनकाल में हुई थी। बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार ने जन्म लिया, जिसे बाद में अर्जुन मुंडा और रघुवर दास सरकारों के दौरान बढ़ावा मिला। महागठबंधन सरकार उसी 'भ्रष्टाचार के वटवृक्ष' को काटने का काम कर रही है और इसी वजह से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो सकी है। राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा किया जाना चाहिए। जब सीआईडी लगातार परिणाम दे रही है, गिरफ्तारियां हो रही हैं और जांच आगे बढ़ रही है, तब पहले इस प्रक्रिया को पूरा होने देना चाहिए। वर्षों से जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार को समाप्त करने में समय लगता है, लेकिन सरकार उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों की जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग उचित है, लेकिन सीआईडी जांच के शुरुआती चरण में ही ठोस परिणाम सामने आए हैं। ऐसे में पहले जांच को पूरी तरह निष्कर्ष तक पहुंचने देना चाहिए।
झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा द्वारा संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रस्तावित मौन व्रत पर भी कांग्रेस नेता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीट पेपर लीक, रेलवे भर्ती परीक्षा, व्यापम घोटाला, महिलाओं और खिलाड़ियों से जुड़े कई मामलों में चुप्पी साधे रखी, लेकिन अब जेपीएससी पर मौन व्रत करने की बात कर रही है। गांधीजी के चरणों में बैठना अच्छी बात है और शायद इससे भाजपा नेताओं को कुछ सद्बुद्धि मिले कि छात्रों पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राकेश सिन्हा ने दावा किया कि उन्हें लगातार मिल रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और फीडबैक के आधार पर युवाओं, छात्रों और महिलाओं का बड़ा वर्ग भाजपा से नाराज है। भाजपा इस उपचुनाव में बुरी तरह हार रही है। लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाली ताकतों की जीत होगी।
कांग्रेस नेता ने पेपर लीक पर कहा कि केवल कानून पेश कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। वर्ष 2024 में इसरो के पूर्व अध्यक्ष के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित समिति ने 110 सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपी थीं, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। इसी कारण देश में लगातार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे। जब तक पेपर लीक माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
राहुल गांधी द्वारा जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। यदि छात्रों पर लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई हुई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? यदि गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी थी तो जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि जानकारी नहीं थी तो यह भी गंभीर सवाल है। देश के छात्र और युवा जानना चाहते हैं कि क्या गृह मंत्री को इस कार्रवाई की जानकारी थी। यदि जानकारी थी तो जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि नहीं थी तो यह प्रशासनिक विफलता है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना उचित नहीं है। यदि विपक्ष के नेता का माइक बंद किया जाता है तो यह देश की जनता की आवाज को दबाने जैसा है। लोकसभा स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत रह सकती है। फारूक अब्दुल्ला द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल पूछने के संदर्भ में राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुनिया के कई देशों का दौरा किया है, लेकिन पीओके के मुद्दे पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं देती। इस विषय पर केंद्र सरकार को गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए।
कोयला घोटाला मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ केस बंद होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने पर राकेश सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार ने विपक्ष के नेताओं के खिलाफ बदले की राजनीति की। कांग्रेस के खिलाफ एक राजनीतिक नैरेटिव तैयार किया गया था। अब मामले में राहत मिल चुकी है, इसलिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।


