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आईआईएम रांची के दीक्षांत समारोह में बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, 'पेशेवर जीवन में शॉर्टकट के बजाय नैतिक मूल्यों को महत्व दें'

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रांची के 15वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पासआउट हो रहे विद्यार्थियों से पेशेवर जीवन में चरित्र, नैतिकता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की राह पर बढ़ने का आह्वान किया

आईआईएम रांची के दीक्षांत समारोह में बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, पेशेवर जीवन में शॉर्टकट के बजाय नैतिक मूल्यों को महत्व दें
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रांची। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रांची के 15वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पासआउट हो रहे विद्यार्थियों से पेशेवर जीवन में चरित्र, नैतिकता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की राह पर बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शॉर्टकट की बजाय मूल्यों पर आधारित निर्णयों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने से भी तय होती है। शनिवार को आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 558 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जबकि सात मेधावी छात्रों को मेडल और उपाधि से सम्मानित किया गया।

सत्र 2024-26 के एमबीए, एमबीए-बीए, एमबीए-एचआरएम, एमबीए-एग्जीक्यूटिव (समर) और एमबीए-एग्जीक्यूटिव (विंटर) के टॉपर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा दो छात्रों को स्टूडेंट सिटीजनशिप अवॉर्ड और प्रो. आशीष हाजेला अवॉर्ड प्रदान किए गए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नैतिक नेतृत्व, अखंडता और विश्वास ही वे आधार स्तंभ हैं, जिन पर स्थायी संस्थानों का निर्माण होता है और उन्हें खुशी है कि आईआईएम रांची में ऐसे मूल्यों को महत्व दिया जा रहा है। झारखंड के पूर्व राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वह आईआईएम रांची की प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए थे और इस दौरान संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने संस्थान द्वारा विकसित देश के पहले बी-स्कूल वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का उद्घाटन भी किया, जिसे प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। समारोह में उपस्थित राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट पेशेवर बनने के साथ-साथ संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

राज्यपाल ने संस्थान में स्थापित ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेंटर फॉर पॉलिसी, लीडरशिप एंड गवर्नेंस’ और ‘सेंटर फॉर ट्राइबल अफेयर्स’ की सराहना करते हुए कहा कि ये केंद्र समावेशी विकास और सुशासन को बढ़ावा देने में अहम योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


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