रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, सरकार से वार्ता फिर बेनतीजा; इन मांगों पर अड़े छात्र
इस आंदोलन के समर्थन में JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल और आंदोलन कर रहे छात्रों के दूसरे गुट के बीच बातचीत हुई थी। उस बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार, 8 अगस्त को JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के देवेंद्रनाथ महतो गुट के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई। मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
सरकार और छात्रों के बीच फिर हुई बातचीत
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से बातचीत के लिए मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू और संजय कुमार यादव प्रतिनिधिमंडल में शामिल हुए। वहीं, छात्र पक्ष की ओर से दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा और रामावतार महतो ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे सरकार के सामने रखे। हालांकि, बातचीत के बाद भी ऐसा कोई फैसला सामने नहीं आया, जिसे छात्र संगठन तत्काल समाधान के तौर पर स्वीकार कर सकें। ऐसे में आंदोलन फिलहाल जारी रहने की बात कही गई है।
दूर-दराज के अभ्यर्थी ईमेल से भेज सकेंगे सुझाव
सरकार की ओर से आंदोलन के बीच एक ईमेल आईडी भी साझा की गई है। **[[email protected]](mailto:[email protected])** पर अभ्यर्थी अपनी शिकायतें, सुझाव और परीक्षा व्यवस्था से संबंधित समस्याएं भेज सकते हैं। सरकार का कहना है कि जो छात्र किसी वजह से रांची पहुंचकर आंदोलन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे भी इस माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इससे दूर-दराज के अभ्यर्थियों की शिकायतों और सुझावों को भी संज्ञान में लेने का रास्ता खुलेगा।
छह दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्रनाथ महतो
इस आंदोलन के समर्थन में JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल और आंदोलन कर रहे छात्रों के दूसरे गुट के बीच बातचीत हुई थी। उस बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था। शनिवार की बातचीत के बाद भी गतिरोध बरकरार है। हालांकि, सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के विकल्प अभी बंद नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर वार्ता होने की संभावना बनी हुई है।
14वीं JPSC परीक्षा की जांच को लेकर बड़ी मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है। छात्रों का कहना है कि मामले की जांच केवल CID तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का दावा है कि उन्हें केवल CID जांच पर पर्याप्त भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और परीक्षा रद्द करने की मांग
अभ्यर्थी इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि विवाद से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा होना चाहिए, ताकि निर्धारित समयसीमा में सुनवाई पूरी हो और अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। इसके अलावा छात्रों ने टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग रखी है। उनकी मांग है कि विवादों में घिरी एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द किया जाए।
अधिकारियों को हटाने की भी मांग
छात्र संगठनों ने TDPL को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए पारदर्शी एवं भरोसेमंद एजेंसियों का चयन करने की मांग की है। इसके साथ ही JPSC और JSSC में उन अधिकारियों को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है, जिन पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने के लिए साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति जरूरी है।
फिलहाल सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता का दौर जारी है, लेकिन शनिवार की बैठक के बाद भी कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है।


