रांची में JPSC-JSSC आंदोलन के बीच नया विवाद, अस्पताल में भर्ती छात्र नेता महतो को तिरंगा यात्रा में जाने की नहीं मिली अनुमति
महतो का कहना है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस घटनाक्रम को लेकर आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है।

रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस पर एक नया विवाद सामने आया है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। महतो पिछले कई दिनों से रांची के सदर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। महतो का कहना है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस घटनाक्रम को लेकर आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है।
सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
देवेंद्र नाथ महतो JPSC-JSSC में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। छात्रों का यह आंदोलन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। आंदोलन के दौरान महतो ने भूख हड़ताल में भी हिस्सा लिया था। विधानसभा घेराव के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद से उनका इलाज अस्पताल में जारी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकालने का कार्यक्रम बनाया था, जिसमें महतो भी शामिल होना चाहते थे।
अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पुलिस और प्रशासन ने महतो को अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। उनकी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। महतो ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई, उनके कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
महतो ने पूछा- ‘क्या यही आजादी है?’
सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए महतो ने सवाल उठाया कि क्या देश में तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की स्वतंत्रता भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनकारी छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे। उनके इस बयान के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
22वें दिन भी जारी है छात्र आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनके मुताबिक, कथित अनियमितताओं से जुड़े नए तथ्य सामने आने के बाद उनकी जांच की मांग और मजबूत हुई है।
तिरंगा यात्रा के जरिए सरकार तक पहुंचाएंगे आवाज
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकालने का फैसला किया। छात्रों का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच है। उनका कहना है कि जब तक कथित अनियमितताओं को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


