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झारखंड मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी की 5वीं चार्जशीट में 14 अफसर फंसे

झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 की धाराओं 44 और 45 के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, रांची के समक्ष 5वीं पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है

झारखंड मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी की 5वीं चार्जशीट में 14 अफसर फंसे
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90 करोड़ की अवैध कमाई का खुलासा, कमीशन रैकेट बेनकाब

  • आलमगीर आलम तक पहुंची रकम, ईडी की जांच में बड़ा खुलासा
  • 36 तक पहुँची आरोपियों की संख्या, इंजीनियरों-अधिकारियों की भूमिका उजागर
  • ईडी की छापेमारी में 38 करोड़ नकद और लग्जरी गाड़ियां जब्त

रांची। झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 की धाराओं 44 और 45 के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, रांची के समक्ष 5वीं पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है। इसमें ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्‍ल्‍यूडी), ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र (आरडीएसजेड) और झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से जुड़े 14 इंजीनियरों और अधिकारियों को नए आरोपी के रूप में शामिल किया गया है।

इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जुड़ा है, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत दर्ज की गई थी।

ईडी की जांच में सामने आया कि विभाग के भीतर एक सुनियोजित कमीशन रैकेट चल रहा था, जिसमें ठेकेदारों से टेंडर आवंटन के बदले कुल मूल्य का लगभग 3 प्रतिशत कमीशन वसूला जाता था और इसका वितरण पदानुक्रम के अनुसार किया जाता था। इसमें 1.35 प्रतिशत तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम को उनके निजी सचिव संजीव कुमार लाल के माध्यम से, 0.65 से 1 प्रतिशत विभागीय सचिव को और शेष राशि मुख्य एवं अधीनस्थ इंजीनियरों को दी जाती थी। लगभग 3,048 करोड़ रुपए के टेंडर आवंटन के मुकाबले 90 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता चला है।

नए आरोपियों में मुख्य इंजीनियर (सेवानिवृत्त) सिंगराई टूटी, राजीव लोचन, सुरेंद्र कुमार और प्रमोद कुमार, कार्यपालक इंजीनियर संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राज कुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार और अनिल कुमार (सेवानिवृत्त), सहायक इंजीनियर राम पुकार राम और रमेश ओझा (दोनों सेवानिवृत्त) तथा पूर्व अधीक्षण इंजीनियर/इंजीनियर-इन-चीफ उमेश कुमार (सेवानिवृत्त) शामिल हैं। इनकी भूमिका अवैध कमीशन के संग्रह, एकत्रीकरण और वितरण में पाई गई है।

जांच एजेंसी ने अब तक झारखंड, दिल्ली और बिहार में 52 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए हैं, 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आलमगीर आलम, संजीव कुमार लाल और जहांगीर आलम शामिल हैं। इस दौरान तीन अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर लगभग 44 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं, करीब 38 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं और 8 लग्जरी वाहन जब्त किए हैं। इससे पहले ईडी इस मामले में एक मुख्य अभियोजन शिकायत और चार पूरक शिकायतें भी दाखिल कर चुका है, जिन पर अदालत संज्ञान ले चुकी है।


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