Top
Begin typing your search above and press return to search.

एयर एम्बुलेंस हादसा: परिवार ने उड़ान के लिए उधार लिए थे 7.5 लाख रुपये, जान बचाने की कोशिश में सात लोगों की मौत

संजय कुमार शॉ झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा में एक होटल संचालित करते थे। पिछले सोमवार उनके होटल में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग तेजी से फैली और संजय गंभीर रूप से झुलस गए।

एयर एम्बुलेंस हादसा: परिवार ने उड़ान के लिए उधार लिए थे 7.5 लाख रुपये, जान बचाने की कोशिश में सात लोगों की मौत
X
रांची/चतरा। झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली के लिए रवाना की गई एक एयर एम्बुलेंस बुधवार शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें मरीज समेत सात लोगों की मौत हो गई। यह विमान गंभीर रूप से झुलसे होटल व्यवसायी संजय कुमार शॉ को बेहतर इलाज के लिए राष्ट्रीय राजधानी ले जा रहा था। हादसे ने न केवल एक परिवार की उम्मीदें छीन लीं, बल्कि राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना चतरा जिले के एक वन क्षेत्र में हुई। खराब मौसम को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद टूटा संपर्क

बीचक्राफ्ट C90 एयर एम्बुलेंस, जिसे रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी, ने शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। विमान को दिल्ली पहुंचना था, जहां संजय शॉ का इलाज प्रस्तावित था। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क टूट गया। एटीसी ने कई बार संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। कुछ ही समय में चतरा जिले के घने वन क्षेत्र में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में किसी के जीवित होने की संभावना नहीं पाई गई।

हादसे में सात लोगों की जान गई

इस दुखद हादसे में कुल सात लोगों की मृत्यु हुई। मृतकों में मरीज संजय कुमार शॉ, उनकी पत्नी अर्चना देवी और उनके रिश्तेदार ध्रुव कुमार शामिल हैं। इसके अलावा चिकित्सा टीम और चालक दल के सदस्य भी हादसे का शिकार हुए। मृतकों में डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, नर्स सचिन कुमार मिश्रा, पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और सह-पायलट कैप्टन सवराजदीप सिंह शामिल हैं। सभी के शव मलबे से बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग

संजय कुमार शॉ झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा में एक होटल संचालित करते थे। पिछले सोमवार उनके होटल में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग तेजी से फैली और संजय गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें 65 प्रतिशत तक जलने की चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताया था। कई दिनों तक इलाज के बावजूद जब उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो विशेषज्ञों ने उन्हें दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल रेफर करने का निर्णय लिया।

कर्ज लेकर कराई थी एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था

डॉक्टरों के मुताबिक, संजय की हालत सड़क या सामान्य वाणिज्यिक उड़ान से यात्रा के अनुकूल नहीं थी। ऐसे में एयर एम्बुलेंस ही एकमात्र विकल्प बचा था। परिवार के सामने आर्थिक चुनौती भी बड़ी थी। परिजनों के अनुसार, एयर एम्बुलेंस और दिल्ली में इलाज के लिए लाखों रुपये की आवश्यकता थी। परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर करीब 7.5 लाख रुपये उधार जुटाए। इसके अतिरिक्त दिल्ली में अस्पताल में भर्ती और आगे के उपचार के लिए भी अलग से रकम की व्यवस्था की गई थी। जीवन बचाने की इस अंतिम कोशिश ने दुखद मोड़ ले लिया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पूरी उम्मीद के साथ यह कदम उठाया था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।

खराब मौसम की आशंका, जांच के आदेश

प्रारंभिक रिपोर्टों में खराब मौसम को दुर्घटना का संभावित कारण बताया जा रहा है। उड़ान के समय क्षेत्र में बादल छाए थे और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भी सूचना थी। हालांकि विमान तकनीकी रूप से सक्षम था या नहीं, पायलटों ने किसी आपात स्थिति की सूचना दी थी या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। डीजीसीए की टीम, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों के विश्लेषण के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।

एयर एम्बुलेंस सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब गंभीर मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सेवाओं में उच्चतम स्तर की सुरक्षा और निगरानी आवश्यक है, क्योंकि इनमें अक्सर गंभीर अवस्था में मरीज और चिकित्सा दल सवार होते हैं। स्थानीय लोगों ने भी वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे को देखकर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

शोक में डूबा चंदवा

चंदवा में संजय शॉ की पहचान एक मेहनती और मिलनसार व्यवसायी के रूप में थी। उनके होटल में लगी आग और फिर एयर एम्बुलेंस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने शोक सभा आयोजित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। यह हादसा एक ऐसे परिवार की त्रासदी बन गया, जिसने अपनों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो यह बताएगी कि आखिर उस उड़ान में क्या हुआ, जिसने सात जिंदगियों को एक साथ निगल लिया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it