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झारखंड में सरकार के संरक्षण में हो रहा अवैध बालू खनन, सीएम की घोषणाएं फेलः भाजपा

झारखंड में अवैध बालू खनन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा

झारखंड में सरकार के संरक्षण में हो रहा अवैध बालू खनन, सीएम की घोषणाएं फेलः भाजपा
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रांची। झारखंड में अवैध बालू खनन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल ने रविवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता और खनन माफिया के संरक्षण के आरोप लगाए।

अमित मंडल ने कहा कि राज्य की सरकार 'बालू से तेल निकालने' यानी अवैध कमाई में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में गरीबों और गैर आयकरदाताओं को मुफ्त बालू देने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज किसी जरूरतमंद को मुफ्त बालू उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठन और बालू घाटों पर सीसीटीवी लगाने की घोषणा की थी, लेकिन इन घोषणाओं का क्रियान्वयन कहीं नजर नहीं आता। मंडल के अनुसार, प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय है और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

अवैध बालू ट्रांसपोर्टिंग की वजह से सड़क हादसों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि झारखंड में प्रतिवर्ष हाईवा वाहनों के कारण मौतों की संख्या चिंताजनक है। उनके अनुसार, 2025 में अब तक करीब 4200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2023 में 4173 और 2024 में 3659 लोगों की जान गई थी।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़े कोरोना काल में हुई मौतों से भी अधिक हैं, जो राज्य की खराब कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को दर्शाते हैं। मंडल ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर ही मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में माइनिंग माफिया का प्रभाव बढ़ा है और प्रशासन उस दबाव में काम कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन से जुड़े आर्थिक हितों को लेकर भी सत्तारूढ़ दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर राजनीतिक बयानों में दिखाई दे रहा है। भाजपा नेता ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में अवैध खनन पर रोक लगाना चाहती है तो परिवहन तंत्र पर निगरानी बढ़ानी होगी और संबंधित कंपनियों की निष्पक्ष जांच करानी होगी। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और तारिक इमरान भी उपस्थित थे।


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