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महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जहरीला इंजेक्शन देकर मार डाला, फिर शव को बोरी में बांध खदान में फेंक दिया

झारखंड के कोडरमा में बंद पत्थर खदान से मिले एक व्यक्ति के शव की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पुलिस ने शख्स की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी एवं उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पति को रास्ते से हटाने की साजिश के तहत उसे जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इसके बाद मृतक की पहचान छिपाने और शव ठिकाने लगाने के लिए उसे प्लास्टिक के बोरे में बंद कर खदान में फेंक दिया गया।

महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जहरीला इंजेक्शन देकर मार डाला, फिर शव को बोरी में बांध खदान में फेंक दिया
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कोडरमा। झारखंड के कोडरमा में बंद पत्थर खदान से मिले एक व्यक्ति के शव की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पुलिस ने शख्स की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी एवं उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पति को रास्ते से हटाने की साजिश के तहत उसे जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इसके बाद मृतक की पहचान छिपाने और शव ठिकाने लगाने के लिए उसे प्लास्टिक के बोरे में बंद कर खदान में फेंक दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को नवलशाही थाना क्षेत्र में लकराही तालाब के पास बंद पत्थर खदान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। इस संबंध में नवलशाही थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल गठित किया गया। जांच के दौरान मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर गांव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई।

पुलिस के अनुसार, नरेश की पत्नी किरण देवी कोलकाता रहती थी। इस दौरान उसका कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के बेहराडीह निवासी सुनील ठाकुर से प्रेम संबंध विकसित हो गया था। पुलिस का दावा है कि किरण अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए सुनील से लगातार कहती थी। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, किरण ने सुनील को फोन कर बताया कि नरेश की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए कोडरमा आने वाला है। इसके बाद सुनील ने नरेश को फोन कर इलाज कराने के बहाने कोडरमा बुलाया।

पुलिस के मुताबिक, सुनील उसे मोटरसाइकिल से नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया और इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने के बहाने कथित तौर पर जहर दे दिया। इससे नरेश की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सुनील ने किरण को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। सुनील ने शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल से ले जाकर रात में बंद पत्थर खदान में फेंक दिया।

मृतक का मोबाइल बंदरचौकवा स्थित एक कुएं में और पहचान संबंधी दस्तावेजों वाला पर्स चंचालिनी धाम के जिलिमटांड़ वन क्षेत्र स्थित तालाब में फेंक दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन और पर्स बरामद किया है। छापेमारी दल में नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



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