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हजारीबाग दुष्कर्म मामला: भाजपा ने 3 अप्रैल को झारखंड बंद का किया आह्वान, कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए आरोप

झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है

हजारीबाग दुष्कर्म मामला: भाजपा ने 3 अप्रैल को झारखंड बंद का किया आह्वान, कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए आरोप
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रांची। झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने नई दिल्ली में सोमवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए घोषणा की कि यदि अगले दो दिनों के भीतर 'हजारीबाग निर्भया कांड' के अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो 3 अप्रैल को संपूर्ण झारखंड बंद किया जाएगा। इससे पूर्व 2 अप्रैल को राज्य के सभी जिला और प्रखंड मुख्यालयों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में 'कानून का शासन' पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। उन्होंने विष्णुगढ़ की घटना का जिक्र करते हुए इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' करार दिया। साहू ने कहा, "जिस प्रकार दरिंदों ने बेटी की आंखें निकालीं, दांत तोड़े और जीभ काटी, वह अपराध की पराकाष्ठा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने 6 दिन बीत जाने के बाद भी एक शब्द तक नहीं बोला। यह सरकार की संवेदनहीनता की हद है।"

उन्होंने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने के लिए माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। आदित्य साहू ने राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें 'संवेदनहीन' बताया। उन्होंने कहा कि सात दिनों के बाद कुछ पैसे देकर सरकार परिवार के जख्मों को भरना चाहती है, जो निर्लज्जता की पराकाष्ठा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। भाजपा की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द चिह्नित कर उन्हें 'फांसी के फंदे' तक पहुंचाया जाए। इसी मामले पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि खुद को 'सशक्त और शोषित नारी' बताने वाली कल्पना सोरेन राज्य की बेटियों के साथ हो रही इन निर्मम घटनाओं पर मौन क्यों हैं?

राफिया नाज़ ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी 2026 में ही झारखंड में दुष्कर्म की 128 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जबकि 16,000 से अधिक महिला उत्पीड़न के मामले फाइलों में धूल फांक रहे हैं। उन्होंने साहिबगंज, गुमला और लिट्टीपाड़ा की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड अब अपराधियों के सामने झुक गया है।


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