Top
Begin typing your search above and press return to search.

झारखंड में पेसा कानून लागू होने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य में बालू घाटों की नीलामी और आवंटन पर रोक हटाई

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में पेसा (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरिया एक्ट) नियमावली लागू होने के बाद मंगलवार को इससे संबंधित अवमानना याचिका निष्पादित कर दी है

झारखंड में पेसा कानून लागू होने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य में बालू घाटों की नीलामी और आवंटन पर रोक हटाई
X

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में पेसा (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरिया एक्ट) नियमावली लागू होने के बाद मंगलवार को इससे संबंधित अवमानना याचिका निष्पादित कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने बालू घाटों की नीलामी के बाद उनके अलॉटमेंट पर लगाई गई रोक को भी समाप्त कर दिया है।

यह अवमानना याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दायर की गई थी, जिस पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पेसा नियमावली को अधिसूचित कर लागू कर दिया गया है। प्रार्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा। अदालत ने सरकार के अनुपालन को स्वीकार करते हुए पहले जारी अंतरिम आदेश को वापस ले लिया।

बता दें कि इससे पहले 23 दिसंबर को हुई सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जब तक पेसा नियमावली को अंतिम रूप देकर लागू नहीं किया जाता, तब तक राज्य में बालू घाटों और अन्य लघु खनिजों की नीलामी और आवंटन पर लगी रोक बरकरार रहेगी। उस दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि पेसा नियमावली का मसौदा कैबिनेट में रखा जाएगा और प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके बाद अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को तय की गई थी। इससे पूर्व 9 सितंबर को अदालत ने पेसा नियमावली लागू होने तक राज्य में बालू घाटों सहित सभी लघु खनिजों की नीलामी पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने कहा था कि पेसा नियमावली लागू न होना 73वें संविधान संशोधन की भावना के विपरीत है और इससे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 1996 में पेसा अधिनियम लागू किया था। झारखंड में वर्ष 2019 और 2023 में इसकी नियमावली का ड्राफ्ट तैयार किया गया, लेकिन लंबे समय तक इसे लागू नहीं किया जा सका। इसी देरी के खिलाफ आदिवासी बुद्धिजीवी मंच ने पहले जनहित याचिका और बाद में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश के साथ विराम लग गया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it