जमुई में हाथियों का आतंक, गेहूं की फसल रौंदी
झारखंड के गिरिडीह जिले से भटककर आए लगभग 25 हाथियों का एक झुंड जमुई जिले के इकेरिया और अड़सार गांव के बीच पहुंच गया और आसपास खेतों में लगी गेहूं की फसल को रौंद डाला

25 हाथियों का झुंड झारखंड से भटककर पहुंचा बिहार
- हाथियों को देख ग्रामीणों में दहशत, एक व्यक्ति घायल
- प्रशासन-वन विभाग की टीम ने संभाली स्थिति
- रात होते ही जंगल लौटने की संभावना, सुरक्षा बढ़ाई गई
जमुई। झारखंड के गिरिडीह जिले से भटककर आए लगभग 25 हाथियों का एक झुंड रविवार को जमुई जिले के इकेरिया और अड़सार गांव के बीच पहुंच गया और आसपास खेतों में लगी गेहूं की फसल को रौंद डाला।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह खेतों की ओर जाने के दौरान अचानक हाथियों का झुंड दिखाई दिया। हाथियों को देखते ही आसपास के लोग घबरा गए और भागने लगे। इसी दौरान एक व्यक्ति गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसका पैर टूट गया। घायल को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। सदर अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) सौरव कुमार भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर मोड़ने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं।
वन विभाग की टीम हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए आग का लुक्का जलाकर निगरानी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह झुंड गिरिडीह से भटककर जमुई पहुंचा है।
इस संबंध में एसडीओ श्री कुमार ने वन विभाग के जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) तेजस जायसवाल से भी बातचीत की है। डीएफओ ने बताया कि झुंड में एक हाथी का बच्चा भी शामिल है, जो गर्मी के कारण दिन में ज्यादा चल नहीं पाता है।
प्रशासन ने संभावना जताई है कि रात होते ही हाथियों का झुंड वापस उसी रास्ते लौट सकता है, जिधर से आया है। सुरक्षा के मद्देनजर इकेरिया और अड़सार गांव में मजिस्ट्रेट के साथ अधिकारियों को तैनात किया गया है। साथ ही ग्रामीणों से हाथियों के आसपास भीड़ नही लगाने की अपील की गई है।


