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धनबाद के सीबीआई दफ्तर में पूछताछ के दौरान सिंफर कर्मचारी की पिटाई, कार्रवाई की मांग

धनबाद के सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के दौरान सिंफर यानी सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के एक कर्मचारी की पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है

धनबाद के सीबीआई दफ्तर में पूछताछ के दौरान सिंफर कर्मचारी की पिटाई, कार्रवाई की मांग
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धनबाद। धनबाद के सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के दौरान सिंफर यानी सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के एक कर्मचारी की पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी ने सीबीआई अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा समेत चार लोगों पर तीन घंटे तक पीटने का गंभीर आरोप लगाया है। केंद्रीय खान एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के अंतर्गत काम करने वाला एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।

पीड़ित कर्मचारी की पहचान विवेक सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मनमुताबिक जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों ने डंडे और लात-घूंसों से पिटाई की। इस घटना में उनकी दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ है।

मामला 29 अक्टूबर 2026 का बताया जा रहा है। विवेक सिंह के अनुसार, उन्हें पूर्व निदेशक से जुड़े कथित मानदेय वितरण घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय बुलाया गया था। उन्हें सुबह साढ़े दस बजे कार्यालय पहुंचने को कहा गया था।

विवेक सिंह का आरोप है कि पूछताछ के दौरान जब अधिकारियों को मनचाहा जवाब नहीं मिला तो संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का दावा है कि करीब तीन घंटे तक उन्हें डंडे और पैरों से पीटा गया।

पीड़ित कर्मचारी के मुताबिक, मारपीट के कारण उनकी दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें आई हैं और कटने के निशान भी बन गए हैं। चोट की वजह से उन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी हो रही है। सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के डॉक्टर ने उन्हें एक सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी है।

इस घटना के बाद विवेक सिंह ने सिंफर के उच्च पदाधिकारियों को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी शिकायत में पूरी घटना का जिक्र करते हुए जांच एजेंसी के कार्यालय में इस तरह के कथित व्यवहार पर सवाल उठाया है।

विवेक सिंह का कहना है कि आजाद भारत में किसी नागरिक के साथ जांच एजेंसी के कार्यालय में इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में सीबीआई का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब इस मामले में अहम होगा। वहीं, सिंफर प्रबंधन की ओर से भी इस मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार है। इस घटना के बाद अब सबकी नजरें सीबीआई और सिंफर प्रबंधन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।


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