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झारखंड में पाकिस्तान से हथियार तस्करी: बाबूलाल मरांडी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा किया है

झारखंड में पाकिस्तान से हथियार तस्करी: बाबूलाल मरांडी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
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'पाकिस्तान से हथियार मंगा रहे गिरोह': मरांडी बोले, पुलिस की विफलता उजागर

  • रंगदारी के लिए विदेशी हथियार: झारखंड में अपराधियों का नेटवर्क बेनकाब
  • मरांडी का आरोप: झारखंड में अपराधियों को पुलिस संरक्षण, पाकिस्तान से आ रहे हथियार
  • झारखंड में सुरक्षा संकट: बाबूलाल मरांडी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

रांची। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि रांची पुलिस ने आधिकारिक तौर पर खुलासा किया है कि राज्य के आपराधिक गिरोह पाकिस्तान से हथियार मंगाकर वारदात अंजाम दे रहे हैं। यह बेहद गंभीर मामला है और उसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

मरांडी ने कहा कि पुलिस के अनुसार, झारखंड के आपराधिक गैंग का नेटवर्क ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से पंजाब के मोगा में हथियार मंगवाता है और इसके बाद इन हथियारों की सप्लाई अपने गुर्गों को करता है। इन हथियारों का उपयोग रांची सहित कई हिस्सों में बड़े कारोबारियों, पूंजीपतियों और व्यवसायियों को डराकर उनसे रंगदारी वसूली में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति झारखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों की घोर विफलता को उजागर करती है। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में रंगदारी और वसूली का तंत्र इस कदर मजबूत हो गया है कि धनबाद में ठेले-खोमचे वालों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक से खुलेआम रंगदारी मांगी जा रही है। बोकारो, जमशेदपुर और राजधानी रांची जैसे शहरों में व्यापारी समुदाय भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। कई व्यावासियों ने अपने प्रतिष्ठानों से मोबाइल नंबर तक हटा दिए हैं, जबकि कुछ लोग भयवश कारोबार बंदकर राज्य से पलायन कर चुके हैं।

मरांडी ने सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान से हथियार मंगाने वाला प्रिंस खान नामक अपराधी का पूरा गिरोह बड़े स्तर पर यह काम कर रहा था, तब पुलिस और खुफिया विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या यह संभव है कि वसूली में हिस्सेदारी के कारण पुलिस इन गिरोहों को संरक्षण देती रही हो?

उन्होंने कहा कि जब पुलिस नेतृत्व का मुख्य उद्देश्य ही वसूली बन जाए तो उसकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आए और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनता का भरोसा बहाल हो सके।


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